National

सरकार ने लौटाए ₹2000 करोड़; क्या आपकी भी कोई जमा राशि बैंकों में फंसी है? ऐसे करें चेक

“भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग ने देश के प्रमुख वित्तीय नियामकों (RBI, SEBI, IRDAI) के साथ मिलकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” को सफलतापूर्वक संचालित किया है”

नई दिल्ली 27 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत सरकार द्वारा शुरू किये गए इस पहल के माध्यम से अब तक ₹2,000 करोड़ की राशि उनके असली हकदारों को लौटाई जा चुकी है।

1. संकट की भयावहता: वित्तीय प्रणाली में फंसा नागरिकों का पैसा

भारतीय वित्तीय प्रणाली में एक बहुत बड़ी राशि ‘बिना दावे वाली’ (Unclaimed) पड़ी है। आंकड़ों के अनुसार:

  • बैंक डिपॉजिट: लगभग ₹78,000 करोड़ (10 साल से निष्क्रिय खाते)।

  • बीमा राशि: लगभग ₹14,000 करोड़ (मैच्योरिटी के 12 महीने बाद तक भुगतान न होना)।

  • डिविडेंड और शेयर: लगभग ₹9,000 करोड़ (7 साल से बिना दावे के)।

  • म्यूचुअल फंड: लगभग ₹3,000 करोड़।

2. आपकी मदद के लिए समर्पित डिजिटल पोर्टल

सरकार ने अलग-अलग संपत्तियों को खोजने के लिए विशिष्ट पोर्टल विकसित किए हैं, ताकि नागरिक घर बैठे अपनी संपत्ति का पता लगा सकें:

परिसंपत्ति का प्रकार डिजिटल पोर्टल का नाम कार्य
बैंक डिपॉजिट UDGAM (यूडीजीएएम) सभी बैंकों में लावारिस जमा राशि की एक साथ खोज।
बीमा (Insurance) बीमा भरोसा पोर्टल बीमा क्लेम और अनक्लेम्ड पॉलिसी का पता लगाना।
म्यूचुअल फंड MITRA (मित्र) MF Central पर होस्टेड, निष्क्रिय निवेश की पहचान।
शेयर और डिविडेंड IEPFA पोर्टल 7 साल से अधिक पुराने बिना दावे वाले शेयर/डिविडेंड।

3. ‘3A’ फ्रेमवर्क पर आधारित अभियान

अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक चले इस अभियान को तीन स्तंभों पर लागू किया गया:

  1. Awareness (जागरूकता): नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना।

  2. Accessibility (पहुंच): 668 जिलों में ‘सुविधा सेवा शिविर’ लगाकर स्थानीय स्तर पर मदद।

  3. Action (कार्रवाई): मौके पर ही केवाईसी (KYC) और दावों का निपटान।

4. यह धन क्यों रह जाता है लावारिस?

अक्सर प्रवास (काम के लिए दूसरी जगह जाना), बैंक खाता धारक की मृत्यु, नामांकन (Nomination) अपडेट न होना, या पते में बदलाव जैसी सामान्य जीवन की घटनाओं के कारण परिवार अपनी ही बचत को भूल जाते हैं।


भविष्य के लिए सुरक्षा उपाय (Precautionary Measures)

अपनी मेहनत की कमाई को लावारिस होने से बचाने के लिए सरकार ने ये सुझाव दिए हैं:

  • नॉमिनेशन: हमेशा अपने बैंक, बीमा और निवेश में नॉमिनी का नाम दर्ज और अपडेट रखें।

  • KYC अद्यतन: अपने संपर्क विवरण और बैंक खाते की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करें।

  • डिजिलॉकर: पॉलिसी और निवेश दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखें।

  • आधार-पैन लिंकिंग: आसान पहचान के लिए निवेश को आधार और पैन से जोड़ें।

Santosh SETH

Recent Posts

छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का कहर, 4 लोगों की दर्दनाक मौत

छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का कहर: बलौदाबाजार में छात्र की मौत, जांजगीर-चांपा में 3 ने…

6 hours ago

छत्तीसगढ़ : कुम्हारी में सेंट्रल GST का छापा, सितार गुटखा की फैक्ट्री पकड़ी

दुर्ग: 'सितार' गुटखा के अवैध निर्माण पर सेंट्रल GST का छापा, मशीनें और भारी माल…

6 hours ago

केजरीवाल और परिवार को चुनाव आयोग का नोटिस, AAP भड़की

दिल्ली वोटर लिस्ट: अरविंद केजरीवाल समेत परिवार के 5 सदस्यों को चुनाव आयोग का नोटिस,…

6 hours ago

LPG सब्सिडी के लिए 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अनिवार्य

गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर: 1 अक्टूबर से LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार…

6 hours ago

NSA डोभाल का खुलासा: जब चीनी सेना ने पकड़े एजेंट, लगा करियर खत्म

NSA अजीत डोभाल ने खोला शुरुआती करियर का राज: जब चीन ने पकड़ लिए थे…

7 hours ago

बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश को हटाया, ईशान आनंद को जिम्मेदारी

बसपा में बड़ा फेरबदल: मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को किया किनारे, अब ईशान आनंद…

7 hours ago