Gold-Silver Crash: सर्राफा बाजार में ‘ब्लैक फ्राइडे’; सोना ₹14,000 और चांदी ₹20,000 टूटी, जानें क्यों मचा हड़कंप?
रिकॉर्ड हाई बनाने के 24 घंटे के अंदर धड़ाम हुआ बाजार। अमेरिका में ट्रम्प की डील और फेड रिजर्व की आहट से निवेशकों ने की भारी मुनाफावसूली।
[नई दिल्ली] — The Politics Again बिजनेस डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट
सर्राफा बाजार में कल तक जो उत्साह था, वह आज मातम में बदल गया। गुरुवार को ऐतिहासिक ऊंचाई छूने वाले सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। इसे बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी ‘इंट्रा-डे’ गिरावट (एक दिन में गिरावट) माना जा रहा है।
चांदी: आसमान से सीधे जमीन पर
चांदी की चमक सबसे ज्यादा फीकी पड़ी है। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी ₹20,000 (करीब 5%) टूटकर ₹3,84,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
-
गुरुवार का भाव: गुरुवार को चांदी ने ₹19,500 की छलांग लगाकर ₹4,04,500 का रिकॉर्ड बनाया था।
-
विदेशी बाजार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 12% टूटकर $101.47 प्रति औंस पर आ गई। ट्रेडिंग के दौरान यह 17.5% तक गिर गई थी।
सोना: एक दिन में ₹14,000 साफ
सोने में भी बिकवाली की आंधी चली। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹14,000 (7.65%) गिरकर ₹1,69,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
-
गुरुवार का भाव: गुरुवार को सोना ₹1,83,000 प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर था।
क्यों आया इतना बड़ा भूचाल? (3 बड़े कारण)
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
-
अमेरिका में शटडाउन टला: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच सरकारी शटडाउन को टालने के लिए समझौता हो गया है। जब अनिश्चितता कम होती है, तो निवेशक सोने (Safe Haven) से पैसा निकालकर शेयर बाजार में लगाते हैं, जिससे सोने के दाम गिरते हैं।
-
केविन वॉर्श और फेड रिजर्व: केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अगला प्रमुख बनाए जाने की चर्चा है। बाजार को डर है कि वे ब्याज दरों पर सख्त रुख अपना सकते हैं। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सोना कमजोर।
-
बंपर मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले कुछ दिनों की रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने अपना प्रॉफिट बुक करने के लिए भारी मात्रा में सोना-चांदी बेचा, जिससे कीमतें धड़ाम हो गईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अभी ‘ओवरबॉट’ (Overbought) जोन में था, इसलिए यह करेक्शन जरूरी था। लेकिन इतनी बड़ी गिरावट ने छोटे निवेशकों को डरा दिया है।











