World Exclusive: ईरान में फिर सुलग रही ‘परमाणु चिंगारी’? इस्राइली हमले के बाद नतांज और इस्फहान में दिखी संदिग्ध हलचल
सड़कों पर जनता का विद्रोह, तो परमाणु साइट्स पर नई छतें… क्या ईरान फिर खड़ा कर रहा है न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम? सैटेलाइट तस्वीरों ने बढ़ाई अमेरिका और इस्राइल की टेंशन।
[तेहरान/वाशिंगटन] — The Politics Again वर्ल्ड डेस्क:
ईरान इन दिनों दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक तरफ देश के भीतर महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अब ‘सरकार विरोधी आंदोलन’ में बदल चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ उसकी परमाणु गतिविधियों को लेकर एक नया खुलासा हुआ है।
हाल ही में जारी सैटेलाइट तस्वीरों (Satellite Imagery) ने दुनिया को चौंका दिया है। तस्वीरों से पता चला है कि पिछले साल इस्राइल और अमेरिका द्वारा बमबारी में तबाह किए गए ईरान के दो प्रमुख परमाणु स्थलों—नतांज (Natanz) और इस्फहान (Isfahan)—पर फिर से गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
क्या छिपा रहा है ईरान?
तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि हमले में क्षतिग्रस्त हुई इमारतों पर ‘नई छतें’ बनाई गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह छतें मरम्मत के लिए नहीं, बल्कि ‘छिपाने’ के लिए हैं।
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मकसद: विशेषज्ञ कहते हैं कि ईरान वहां बचे हुए परमाणु उपकरणों और महत्वपूर्ण सामग्रियों को अमेरिकी और इस्राइली सैटेलाइट्स की नजरों से बचाकर सुरक्षित निकालना चाहता है। यह रिकवरी मिशन जैसा लग रहा है, न कि पुनर्निर्माण।
नतांज और इस्फहान का हाल
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नतांज (Natanz): जून में इस्राइली हमले ने यहाँ के ‘पायलट फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट’ को नष्ट कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी हमलों ने भूमिगत सुरंगों को निशाना बनाया। नई तस्वीरों में यहाँ छत तो दिख रही है, लेकिन बिजली व्यवस्था अभी भी ठप है।
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इस्फहान (Isfahan): यहाँ सेंट्रीफ्यूज (Centrifuges) बनाने की फैसिलिटी थी। तस्वीरों में दिखा है कि यहाँ पहाड़ी में बनी कुछ सुरंगों को मिट्टी से भर दिया गया है और एक सुरंग के पास नई ‘सुरक्षा दीवारें’ खड़ी कर दी गई हैं।
‘तालेगान 2’ पर सबसे बड़ा खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों का दावा है कि मामला सिर्फ छिपाने तक सीमित नहीं है। ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को भी पुनर्जीवित कर रहा है।
पर्शिन (Parchin) इलाके में स्थित ‘तालेगान 2’ (Taleghan 2) साइट, जिसे अक्टूबर 2024 में इस्राइल ने उड़ा दिया था, वहां भी नया निर्माण देखा गया है।
यह साइट परमाणु हथियारों के लिए ‘हाई एक्सप्लोसिव टेस्टिंग’ और ट्रिगर बनाने के लिए जानी जाती थी।
“दुनिया के लिए संकेत ईरान की ये हरकतें साफ संकेत दे रही हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक विरोध के बावजूद अपने न्यूक्लियर और मिसाइल एजेंडे से पीछे हटने को तैयार नहीं है। वह धीरे-धीरे ही सही, लेकिन अपने सिस्टम को ‘री-एक्टिवेट’ कर रहा है”











