डिजिटल जनगणना शुरू

पहली डिजिटल जनगणना आज से शुरू, जानें कैसे करें ‘सेल्फ एन्युमरेशन’

देश की पहली डिजिटल जनगणना आज से शुरू: 33 सवालों में ली जाएगी जानकारी, घर बैठे खुद कर सकेंगे ‘सेल्फ एन्युमरेशन’

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश में आज (1 अप्रैल) से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। महीने भर चलने वाली यह व्यापक कवायद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी।

कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में टल गई यह जनगणना अब पूरी तरह से एक नए और हाई-टेक अवतार में हो रही है। इस बार की जनगणना का काम लगभग एक साल तक चलेगा।

सरकार ने जनगणना के पहले चरण—’मकान सूचीकरण और आवास गणना’ (HLO) के दौरान पूछे जाने वाले 33 सवालों का एक सेट जारी किया है।

क्या है इस बार की सबसे बड़ी खासियत? (Self-Enumeration)

स्वतंत्रता के बाद की यह 8वीं जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है।

इसमें नागरिकों को ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प दिया गया है। इसका मतलब है कि लोग घर बैठे वेब-पोर्टल के जरिए 16 भाषाओं में अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

इसके लिए नागरिक गृह गणना शुरू होने से ठीक 15 दिन पहले इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

कैसे करें ‘सेल्फ एन्युमरेशन’ (स्व-गणना)? नागरिकों के लिए प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है:

  1. सबसे पहले आधिकारिक एसई पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाएं।

  2. अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉग-इन करें और पोर्टल पर दिए गए मानचित्र (Map) पर अपने घर का स्थान चिह्नित करें।

  3. इसके बाद परिवार के मुखिया और अन्य सदस्यों का विवरण भरें और जानकारी सबमिट करें।

  4. प्रक्रिया पूरी होने पर एक 16 अंकों की विशिष्ट स्व-गणना आईडी (SE ID) जनरेट होगी।

  5. जब जनगणना अधिकारी (एन्युमरेटर) आपके घर फील्ड विजिट के लिए आएं, तो सत्यापन के लिए यह SE ID उनके साथ साझा करें। (इस दौरान नागरिक अपनी जानकारी में सुधार भी करवा सकते हैं।)

कौन सी जानकारी जुटाई जाएगी?

जनगणना अधिकारी 33 सवालों के जरिए मकान और परिवार की अहम जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें मुख्य रूप से शामिल है:

  • मकान की स्थिति: भवन संख्या, दीवारों/छत के निर्माण की सामग्री, कमरों की संख्या और मालिकाना हक।

  • पारिवारिक विवरण: घर में रहने वाले कुल लोग, मुखिया का नाम, लिंग, और उनकी श्रेणी (SC/ST/अन्य)।

  • सुविधाएं और संपत्ति: पीने के पानी का स्रोत, शौचालय का प्रकार, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, रेडियो, टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, स्मार्टफोन, और वाहन (साइकिल से लेकर कार तक) का स्वामित्व।

पूरी तरह गोपनीय रहेगा डेटा

गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार राज्य सरकार की मशीनरी इस प्रक्रिया को संपन्न करवाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह से गोपनीय रहेगा।

इसका उपयोग किसी भी अदालत में या सरकारी लाभ प्राप्त करने के मानक के रूप में नहीं किया जा सकता है। यहां तक कि RTI (सूचना का अधिकार) के तहत भी इस डेटा को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

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