Trump PM Modi Call Iran

तेहरान में धमाका, मिडिल-ईस्ट शांति के लिए ट्रंप ने पीएम मोदी से मांगी मदद

मिडिल-ईस्ट में महायुद्ध की आहट: तेहरान में धमाका, पाकिस्तान फेल; ट्रंप ने पीएम मोदी को किया 40 मिनट फोन, मांगी भारत की मदद

नई दिल्ली/तेहरान: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

अमेरिका और ईरान के बीच गहराते तनाव ने पूरे मिडिल-ईस्ट (Middle East) को युद्ध की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।

11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई दोनों देशों की पहली शांति वार्ता के विफल होने के बाद हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान में पहला धमाका हुआ है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की सख्त नाकेबंदी (Blockade) कर दी है।

इस महासंकट को सुलझाने में पाकिस्तान के पूरी तरह फेल होने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से मदद मांगी है।

तेहरान में धमाका, 16 अप्रैल को दूसरे दौर की वार्ता संभव

इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद बुधवार को तेहरान में एक रहस्यमयी धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 3 लोगों के घायल होने की खबर है।

हालांकि, धमाके के अन्य विस्तृत ब्यौरे का अभी इंतजार किया जा रहा है। इस बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।

उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार, 16 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता हो सकती है, ताकि युद्ध के इस संकट को टाला जा सके।

पाकिस्तान फेल, ट्रंप ने पीएम मोदी से लगाई गुहार

ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता कराने में पाकिस्तान की मध्यस्थता पूरी तरह विफल साबित हुई है।

इसके बाद अमेरिका ने अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की ओर उम्मीद की निगाहों से देखा है।

मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक लंबी बातचीत हुई।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने पीएम मोदी से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को सुरक्षित रूप से खुलवाने और मिडिल-ईस्ट में शांति स्थापित करने के लिए भारत के कूटनीतिक दखल और मदद की मांग की है।

ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की ‘गाइडेड-मिसाइल’ तैनात

इधर, समुद्र में अमेरिका का आक्रामक रुख जारी है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना के ‘गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर’ (Guided-missile destroyers) ईरानी बंदरगाहों पर ब्लॉकेड (नाकेबंदी) मिशन को पूरी सख्ती से अंजाम दे रहे हैं।

अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह नाकेबंदी निष्पक्ष रूप से सभी देशों के उन जहाजों पर लागू की जा रही है, जो ईरान के तटीय क्षेत्रों या बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं।

बता दें कि एक सामान्य डिस्ट्रॉयर पर 300 से अधिक उच्च प्रशिक्षित नाविकों का दल तैनात होता है, जो आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह के समुद्री अभियानों को चलाने में माहिर होते हैं।

इजरायल का लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस तनातनी के बीच, इजरायल और हिजबुल्लाह (Hezbollah) का युद्ध भी जारी है।

इजरायली सेना (IDF) ने एक बार फिर दावा किया है कि उसने लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह के कई अहम ठिकानों को हवाई हमले कर उड़ा दिया है।

इस दोहरे मोर्चे पर चल रहे संघर्ष ने वैश्विक कूटनीति के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

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