ईपीएफओ ने आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्टों को अपने अनुपालन को नियमित करने के लिए छह महीने की एमनेस्टी स्कीम की शुरुआत की है।
EPFO का बड़ा कदम: PF ट्रस्टों के लिए ‘एमनेस्टी स्कीम 2026’ लागू; अनुपालन नियमित करने के लिए 6 महीने का मिला मौका”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं और प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत देते हुए ‘एमनेस्टी स्कीम, 2026’ (Amnesty Scheme 2026) की शुरुआत की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त छूट प्राप्त भविष्य निधि (PF) ट्रस्ट संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों को अपने अनुपालन की स्थिति को नियमित करने का एकमुश्त अवसर प्रदान करना है।
ईपीएफओ ने सभी नियोक्ताओं, हितधारकों और आम जनता से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। यह योजना अधिसूचना जारी होने की तिथि से छह महीने की अवधि के लिए खुली रहेगी।
दरअसल, वित्त अधिनियम, 2026 (Finance Act 2026) ने मान्यता प्राप्त भविष्य निधियों को नियंत्रित करने वाले आयकर ढांचे को ‘कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952’ के वैधानिक और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है।
नए नियमों के अनुसार, आयकर अधिनियम, 2025 के तहत अब मान्यता केवल उन्हीं भविष्य निधियों (PF) को मिलेगी, जिन्होंने EPF अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत छूट प्राप्त की है।
ऐसे प्रतिष्ठानों को ईपीएफ अधिनियम की धारा 17 और ‘सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020’ की धारा 143 के अंतर्गत पूर्वव्यापी प्रभाव (Retrospective Effect) से इस एमनेस्टी का लाभ दिया जाएगा।
वैधता: यह योजना 29 जून, 2026 को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से जारी की गई थी। यह अधिसूचना की तिथि से 6 महीने तक वैध रहेगी।
पात्र प्रतिष्ठान: यह योजना उन प्रतिष्ठानों पर लागू होती है, जो आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट चला रहे हैं, लेकिन उनके पास केंद्र या राज्य सरकार से कोई औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है।
श्रेणी-I (Category-I): वे प्रतिष्ठान जो पूर्वव्यापी ट्रस्ट नियमितीकरण चाहते हैं और पहले ही गैर-छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन शुरू कर चुके हैं या भविष्य में ऐसा करना चाहते हैं।
श्रेणी-II (Category-II): वे प्रतिष्ठान जो पूर्वव्यापी ट्रस्ट नियमितीकरण चाहते हैं और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में ही काम करना जारी रखना चाहते हैं।
पूर्वव्यापी नियमितीकरण: ट्रस्ट की स्थापना से लेकर निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक छूट की स्थिति और ट्रस्ट को मान्यता प्रदान की जाएगी।
नियमों में ढील: सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत न्यूनतम कर्मचारी संख्या और कोष (Corpus) के आकार संबंधी नियमों में छूट मिलेगी। 3 वर्ष के पूर्व अनुपालन नियम को भी संतुष्ट मान लिया जाएगा।
कानूनी कार्यवाही से मुक्ति: यदि ट्रस्ट ने सदस्य खातों में वैधानिक दरों के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और अंशदान दिया है, तो बकाया, हर्जाने और ब्याज के लिए लंबित सभी कानूनी आकलन और कार्यवाहियां समाप्त कर दी जाएंगी। पुराने अंतिम आदेश भी प्रारंभ से ही अमान्य माने जाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया: पात्र प्रतिष्ठानों को केंद्र सरकार को संबोधित करते हुए एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। यह आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल द्वारा भेजा जा सकता है।
योजना में रुचि दिखाने वाले प्रतिष्ठान rc.exemption@epfindia.gov.in पर अपना ‘रुचि पत्र’ (Letter of Interest) भी ईमेल कर सकते हैं।
लेखापरीक्षा (Audit): वित्तीय खातों का ऑडिट एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा होना अनिवार्य है।
इसके अलावा, ईपीएफ अधिकारियों द्वारा निर्देशित विशेष या अनुपालन ऑडिट आवेदन की तिथि से 3 महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए।
अधिक जानकारी और मार्गदर्शन के लिए प्रतिष्ठान EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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