तेल मार्केटिंग कंपनियां 10 किलो वाले हल्के और पारदर्शी एलपीजी सिलेंडर को कमर्शियल ग्राहकों के लिए पेश करने पर विचार कर रही हैं।
10 किलो वाला हल्का और पारदर्शी LPG सिलेंडर अब कमर्शियल रेट पर मिलेगा? जानिए क्या है तेल कंपनियों का नया प्लान”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे युद्ध और तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर देखने को मिल रहा है।
युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) और गैस की आपूर्ति में बाधा आई है, जिससे कीमतों में फिर से तेजी का रुख है।
हालांकि, बीच में स्थिति थोड़ी सामान्य हुई थी, लेकिन अब फिर से बढ़ती कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है। इस बीच, सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) एलपीजी ग्राहकों के लिए एक नई योजना पर काम कर रही हैं।
कंपनियां अब 10 किलो वाले हल्के कम्पोजिट (Composite) एलपीजी सिलेंडर की पहुंच घरेलू ग्राहकों से आगे बढ़ाकर कमर्शियल (व्यावसायिक) ग्राहकों तक करने पर विचार कर रही हैं।
वर्तमान में ये 10 किलो वाले स्मार्ट सिलेंडर केवल घरेलू (Domestic) उपयोग तक ही सीमित हैं। सरकारी तेल कंपनियां इन्हें अलग-अलग ब्रांड नामों से बेचती हैं:
HPCL: HP Gas Ojas (एचपी गैस ओजस)
Indian Oil (IOCL): Indane Xtralight (इंडेन एक्स्ट्रालाइट)
BPCL: Bharatgas Lite (भारतगैस लाइट)
यदि सरकार और संबंधित अथॉरिटीज से इस योजना को मंजूरी मिल जाती है, तो इन 10 किलो वाले सिलेंडरों को गैस एजेंसियों और चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के जरिए ‘कमर्शियल एलपीजी रेट’ पर बेचा जा सकेगा।
वर्तमान में तेल कंपनियां कमर्शियल उपयोग के लिए केवल 19 किलो, 5 किलो (छोटू) और 2 किलो वाले सिलेंडर ही उपलब्ध कराती हैं।
कमर्शियल एलपीजी की कीमत घरेलू कुकिंग गैस की तुलना में लगभग 133% अधिक होती है। दिल्ली के वर्तमान रेट्स के अनुसार:
14.2 किलो घरेलू सिलेंडर: ₹942
19 किलो कमर्शियल (हलवाई) सिलेंडर: ₹2,930
5 किलो (छोटू) कमर्शियल सिलेंडर: ₹808.5
19 किलो वाले भारी-भरकम ‘हलवाई सिलेंडर’ को रखने और ले जाने में कई लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में 10 किलो वाले सिलेंडर को कमर्शियल अनुमति मिलने से इन वर्गों को बड़ी राहत मिलेगी:
स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वाले): जिनके पास ठेले पर जगह कम होती है।
कैफे और छोटे फूड कियोस्क: जहां कम जगह में सुरक्षित गैस की आवश्यकता होती है।
प्रवासी मजदूर, छात्र और किराएदार: जो बार-बार जगह बदलते हैं और उनके लिए भारी सिलेंडर ले जाना संभव नहीं होता।
एडवांस्ड कम्पोजिट टेक्नोलॉजी से बने 10 किलो वाले इन स्मार्ट सिलेंडरों में कई खूबियां हैं, जो इन्हें पारंपरिक लोहे के सिलेंडरों से बेहतर बनाती हैं:
50% हल्का: यह पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की तुलना में लगभग आधा वजन का होता है।
ट्रांसपेरेंट बॉडी (पारदर्शी): इस सिलेंडर का कुछ हिस्सा पारदर्शी होता है। इससे ग्राहकों को बाहर से ही पता चल जाता है कि अंदर कितनी गैस बची है, जिससे अचानक गैस खत्म होने की समस्या नहीं होती और रीफिलिंग समय पर की जा सकती है।
3-लेयर सुरक्षा: इसकी बनावट तीन परतों (Three-Layers) वाली होती है, जो इसे बेहद सुरक्षित और जंग-रोधी (Rust-proof) बनाती है।
आसान ट्रांसपोर्टेशन: एक तेल कंपनी के अधिकारी के मुताबिक, “परंपरागत भारी सिलेंडरों के उलट, इन्हें सीढ़ियों से ऊपरी मंजिलों तक ले जाना बहुत आसान है।”
लखनऊ: जन्मदिन की पार्टी के बाद खौफनाक वारदात, मौरंग के ढेर पर मिला मजदूर का…
बद्दी पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी स्ट्राइक: गांजा तस्कर राहुल गुप्ता की 1.97 करोड़…
हिंदी दिवस विशेष: अवधी से लेकर राजस्थानी तक, जानिए हिंदी को समृद्ध बनाने वाली 8…
रूस-यूक्रेन युद्ध: पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने की पुतिन से मध्यस्थता की पेशकश, क्रेमलिन…
ब्रिक्स 2026: भारत की ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत, दो युद्धों और गहरे मतभेदों के बीच 'नई…
जौनपुर: अपराधियों की निगरानी में चूक और लापरवाही पर SSP का हंटर, 4 दरोगाओं समेत…