Advocates protesting outside SP office in Jaunpur over allegations against Baksha police

जौनपुर में अधिवक्ताओं का SP कार्यालय पर प्रदर्शन

जौनपुर: बक्शा पुलिस पर पैसे लेकर मुकदमे दर्ज करने का आरोप, अधिवक्ताओं ने SP कार्यालय का किया घेराव”

जौनपुर : द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट

जिले में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के बैनर तले अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।

अधिवक्ताओं ने बक्शा थाना पुलिस पर पैसे लेकर मुकदमे दर्ज करने और निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया।

प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए कार्यालय परिसर में आवागमन भी प्रभावित रहा।

एसपी कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर किया प्रदर्शन

कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष घनश्याम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता सुबह करीब 10 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

यहां उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शन के कारण एसपी कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।

बक्शा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

धरना दे रहे अधिवक्ताओं का आरोप था कि बक्शा थाना पुलिस निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से धन लेकर मुकदमे दर्ज कर रही है।

अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि इस प्रकार की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया से विश्वास कमजोर होगा।

उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की।

अधिकारियों ने पहुंचकर संभाला मोर्चा

धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आतिश सिंह तथा क्षेत्राधिकारी (नगर) गोल्डी गुप्ता मौके पर पहुंचे।

पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से वार्ता कर उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना

करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर अधिवक्ताओं ने अपना धरना स्थगित कर दिया।

हालांकि अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया है। अब यह देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों के संबंध में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।