विकसित दिल्ली प्लान

सीएम रेखा गुप्ता का ‘मिशन विकसित दिल्ली’: 13000 फ्लैट्स, 550 किमी नई सड़कें और यमुना की सफाई का फुल-प्रूफ प्लान

“दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए ‘भविष्य की विकसित दिल्ली’ का मास्टर प्लान पेश किया है”

नई दिल्ली : THE POLITICS AGAIN : शिल्पा की रिपोर्ट 

उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली किसी दूसरे शहर की नकल नहीं करेगी, बल्कि अपनी जरूरतों के हिसाब से पानी, सीवर, सड़क और झुग्गी विकास के ढांचे को मजबूत करेगी।

जल और सीवर नेटवर्क में बड़ा सुधार

मुख्यमंत्री ने पिछले एक साल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि 172 किलोमीटर नई पानी की पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और 833 किलोमीटर सेकेंडरी लाइनों पर काम शुरू हो गया है।

सीवर के मोर्चे पर 180 किलोमीटर नई लाइन बिछाई गई है। जल बोर्ड की ‘वाटर एमनेस्टी स्कीम’ को बड़ी सफलता मिली है, जिसके तहत 3.52 लाख उपभोक्ताओं ने अपने बिल निपटाए।

इससे सरकार को 484 करोड़ रुपये का राजस्व मिला और अब यह योजना कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए भी लागू कर दी गई है।

झुग्गीवासियों को 13,000 फ्लैट और सड़कों का कायाकल्प

गरीबों और झुग्गीवासियों के लिए सरकार ने 700 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिनसे सावदा घेवरा, भलस्वा, और द्वारका समेत कई इलाकों में 13,000 फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं। कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए 500 नए पालना केंद्र भी खोले गए हैं।

सड़कों की बात करें तो पीडब्ल्यूडी (PWD) की 550 किलोमीटर सड़कों की ‘वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग’ का फैसला लिया गया है, जिसमें से 150 किमी का काम पूरा हो चुका है।

इसके अलावा, बारापुला फ्लाईओवर जून तक और मुकरबा चौक अंडरपास मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

हरित क्रांति और प्रदूषण पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

प्रदूषण को दिल्ली का सबसे बड़ा संकट बताते हुए सीएम ने डस्ट मिटिगेशन प्लान लागू करने की बात कही। इस साल दिल्ली में 35 लाख ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाए जाएंगे।

कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए ‘बायोमाइनिंग’ क्षमता को बढ़ाकर 30,000-35,000 टीपीडी (टन प्रतिदिन) कर दिया गया है। एमसीडी (MCD) को कूड़ा प्रबंधन मजबूत करने के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

यमुना की सफाई और 50 साल पुराना ड्रेनेज सिस्टम बदलेगा

यमुना नदी के कायाकल्प को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि एक साल के भीतर 28 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को अपग्रेड किया गया है।

राजधानी की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता अब 814 एमजीडी हो गई है, जिसे 1500 एमजीडी तक ले जाने का लक्ष्य है।

जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली का 50 साल पुराना ड्रेनेज सिस्टम बदला जाएगा, जिसके लिए 56,000 करोड़ रुपये का नया ‘ड्रेनेज मास्टर प्लान’ तैयार किया गया है।

इसी कड़ी में पूर्वी दिल्ली के शाहदरा (ट्रंक ड्रेन नंबर-1) के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 2.34 करोड़ रुपये का टेंडर भी जारी कर दिया गया है।

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.