कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने भविष्य की नौकरियों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए पीएम-सेतु योजना के तहत सूरत ITI क्लस्टर की घोषणा की।
“वर्तमान क्लासरूम भविष्य की नौकरियों के अनुरूप होने चाहिए”: जयंत चौधरी ने दी सूरत ITI क्लस्टर को मंजूरी, 240 करोड़ का होगा निवेश”
सूरत/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और नौकरियों के लिए तैयार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री, श्री जयंत चौधरी ने शनिवार को अपने सूरत दौरे के दौरान पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत ‘सूरत आईटीआई क्लस्टर’ (Surat ITI Cluster) को मंजूरी देने की घोषणा की।
यह प्रोजेक्ट आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) और उनके अकादमिक साझेदार NAMTECH के नेतृत्व में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (AIP) के रूप में काम करेगा। यह गुजरात में पीएम-सेतु के तहत लागू होने वाली पहली प्रमुख परियोजनाओं में से एक है।
इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कौशल विकास के बदलते स्वरूप पर जोर दिया।
उन्होंने कहा:“हम भारत में कौशल विकास के एक नए मॉडल को उभरते हुए देख रहे हैं, जिसमें उद्योग केवल नौकरी देने वाला ही नहीं, बल्कि प्रतिभा तैयार करने वाला भी है।
पीएम-सेतु के तहत सूरत क्लस्टर को मंजूरी मिलना इस दृढ़ धारणा को दर्शाता है कि वर्तमान क्लासरूम को भविष्य की नौकरियों के अनुरूप डिजाइन किया जाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की साझेदारियों से भारत में ऐसे विश्व स्तरीय संस्थान बनेंगे जो दशकों तक विनिर्माण (Manufacturing) और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देंगे।
क्या है हब-एंड-स्पोक मॉडल? इस योजना को ‘हब-एंड-स्पोक’ (Hub-and-Spoke) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
हब संस्थान: आईटीआई सूरत (ITI Surat) मुख्य केंद्र (Hub) के रूप में कार्य करेगा।
स्पोक संस्थान: इसे चार अन्य संस्थानों – आईटीआई सूरत (महिला), आईटीआई हाजीरा, आईटीआई बारडोली और आईटीआई सचिन का सहयोग मिलेगा। इस क्लस्टर को उन्नत विनिर्माण, स्टील, इंजीनियरिंग और ‘उद्योग 4.0’ (Industry 4.0) जैसी नई तकनीकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
सूरत क्लस्टर के लिए सरकार और इंडस्ट्री ने एक बड़ी रणनीतिक निवेश योजना तैयार की है:
बजट: अगले पांच वर्षों में इस प्रोजेक्ट पर लगभग 240 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
लक्ष्य: 5 वर्षों में 25,000 प्रशिक्षुओं (Trainees) का नामांकन करने का लक्ष्य है।
नई सीटें: अपग्रेड और नए शुरू किए गए कार्यक्रमों के जरिए 3,528 अतिरिक्त प्रशिक्षण सीटें सृजित होंगी।
इस फंड का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने, स्मार्ट कक्षाएं बनाने, डिजिटल शिक्षण प्रणाली और एडवांस लैब स्थापित करने में किया जाएगा।
भारत के सबसे बड़े स्टील उत्पादकों में से एक, एएम/एनएस इंडिया (AM/NS India) इस पहल में अपनी औद्योगिक विशेषज्ञता और डिजिटल कौशल प्लेटफॉर्म ला रहा है।
एएमएनएस इंडिया के कार्यकारी निदेशक श्री संतोष मुंधडा ने इस मंजूरी का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और भविष्य के लिए एक ‘टैलेंट पाइपलाइन’ तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी।
पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार परिवर्तन के माध्यम से उन्नत आईटीआई) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है।
60,000 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना का मुख्य उद्देश्य उद्योग जगत की मदद से सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण करना है।
इसके तहत देशभर के 1000 आईटीआई (ITI) को अपग्रेड किया जाएगा और 5 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) विकसित किए जाएंगे ताकि भारतीय युवा वैश्विक स्तर पर रोजगार पा सकें।
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