प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा के दौरान रक्षा, व्यापार, कृषि, और समुद्री सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौतों और ज्ञापनों पर मुहर लगी है।
पीएम मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के बड़े नतीजे: 2030 तक व्यापार 35 हज़ार करोड़ करने का लक्ष्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर हुए 10 अहम समझौते”
नई दिल्ली/वेलिंगटन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
इस यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ा दिया है।
दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, कृषि, और समुद्री सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक घोषणाएं और 10 महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
यहां हम आपको बता रहे हैं इस आधिकारिक यात्रा के दौरान हुए प्रमुख समझौतों और महत्वपूर्ण घोषणाओं का पूरा विवरण:
भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी (रूपरेखा 2030): दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन और बहुपक्षीय मुद्दों पर समन्वय के लिए अगले चार वर्षों के लिए एक ठोस रणनीतिक ढांचा तैयार किया है।
व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य: दोनों पक्षों ने आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देते हुए 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग 35,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाने का महात्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
समुद्री सुरक्षा संवाद: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समन्वय और सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए एक विशेष ‘समुद्री सुरक्षा संवाद’ स्थापित करने पर सहमति बनी है।
IPOI में न्यूजीलैंड की एंट्री: न्यूजीलैंड ने ‘हिंद प्रशांत महासागर पहल (IPOI)’ के तहत समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और वह अवैध मछली पकड़ने (IUU) जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ शामिल हुआ है।
वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन: स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ जैव ईंधन (Biofuels) के विकास को गति देने के लिए न्यूजीलैंड आधिकारिक तौर पर ‘वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन’ (GBA) में शामिल हो गया है।
कीवी फल कार्य योजना: कृषि नवाचार के तहत नागालैंड और उत्तराखंड में कीवी फल के लिए 2 उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence) स्थापित किए जाएंगे।
अंटार्कटिक अनुसंधान में सहयोग: गोवा स्थित राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागरीय अनुसंधान केंद्र (NCPOR) और कैंटरबरी विश्वविद्यालय (न्यूजीलैंड) के बीच अंटार्कटिक शोध और विज्ञान के लिए समझौता हुआ है।
खाद्य प्रौद्योगिकी में साझेदारी: NIFTEM-K (कुंडली) और मैसी विश्वविद्यालय (न्यूजीलैंड) के बीच छात्रों और शोध के आदान-प्रदान के लिए अहम करार हुआ है।
यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के मंत्रालयों के बीच निम्नलिखित 10 अहम दस्तावेजों पर मुहर लगी:
समुद्री सहयोग (Maritime Cooperation): भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियों और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए समझौता।
जलविज्ञान और समुद्री मानचित्रकला: नौवहन चार्ट और जलवैज्ञानिक डेटा साझा करने के लिए कार्यान्वयन समझौता।
पारस्परिक रसद सहायता (Logistics Support): भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच अभियानों के दौरान लॉजिस्टिक मदद को आसान बनाने पर सहमति।
आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह: आतंकवाद से निपटने, सूचना साझा करने और प्रयासों में समन्वय के लिए एक संयुक्त वर्किंग ग्रुप की स्थापना।
आपदा प्रबंधन (Disaster Management): भूकंप, सुनामी और तटीय खतरों से निपटने के लिए भारत के NDMA और न्यूजीलैंड की NEMA के बीच सहयोग।
पशुपालन और डेयरी उद्योग: तकनीकी सहयोग और ज्ञान साझा करने के लिए दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों के बीच महत्वपूर्ण ढांचा तैयार किया गया।
पर्यटन क्षेत्र में समझौता: पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने के लिए पर्यटन मंत्रालयों के बीच करार।
खेल पर संयुक्त कार्य योजना: खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा और उच्च प्रदर्शन वाले एथलीटों के विकास के लिए समझौता।
समुद्री विरासत का विकास: गुजरात के लोथल में बन रहे ‘राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC)’ और न्यूजीलैंड समुद्री संग्रहालय के बीच आपसी सहयोग पर मुहर।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान: कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के संस्कृति मंत्रालयों के बीच अहम समझौता।
इस यात्रा से स्पष्ट है कि भारत और न्यूजीलैंड आने वाले दशक में अपने जन-जन के संबंधों और आर्थिक भागीदारी को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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