Chhattisgarh Waqf Board advisory
📢 छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की नई एडवाइजरी: ‘शरीयत के खिलाफ हैं डीजे-डांस, मुहर्रम में नहीं बजेगा बैंड-बाजा, उल्लंघन पर 50 हजार का जुर्माना’
रायपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड (Chhattisgarh Waqf Board) ने प्रदेश भर के मुस्लिम समाज और धार्मिक कमेटियों के लिए एक अहम और सख्त एडवाइजरी (Advisory) जारी की है।
इस एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मुहर्रम (Muharram) और सभी इस्लामिक पर्वों का आयोजन पूरी तरह से ‘इस्लामिक शिक्षा’ और शरीयत (Shariat) के नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
वक्फ बोर्ड ने प्रदेश की सभी मस्जिद कमेटियों, दरगाह कमेटियों और धार्मिक आयोजकों के लिए यह लेजर जारी कर कई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की है।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस नई एडवाइजरी के मुख्य बिंदु:
एडवाइजरी में मुहर्रम और दूसरे इस्लामिक धार्मिक आयोजनों से पहले किसी भी तरह के शोर-शराबे पर सख्त पाबंदी लगाने की बात कही गई है।
इन पर लगी रोक: वक्फ बोर्ड ने डीजे (DJ) म्यूजिक, बैंड-बाजा, डांस प्रोग्राम, आतिशबाजी और पारंपरिक “शेर” परफॉर्मेंस जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की है।
शरीयत का हवाला: बोर्ड का साफ कहना है कि इस तरह की गतिविधियां ‘शरीयत’ के नियमों के खिलाफ हैं और इन्हें इस्लामिक आयोजनों का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
वक्फ बोर्ड ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है। एडवाइज़री में कड़ी चेतावनी दी गई है कि जो कमेटियां इन निर्देशों की अनदेखी करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई के तहत आयोजन करने वाली संबंधित कमेटी को भंग किया जा सकता है।
इसके अलावा, नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये तक का भारी भरकम जुर्माना (Penalty) लगाने का भी प्रावधान रखा गया है।
वक्फ बोर्ड ने प्रदेश के मुसलमानों से अपील की है कि वे मुहर्रम को हुड़दंग के बजाय इबादत, सादगी और अनुशासन के साथ मनाएं। इस मौके पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला (Karbala) के शहीदों की कुर्बानियों को शिद्दत से याद किया जाना चाहिए।
यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ मुस्लिम वक्फ बोर्ड ने ऐसी एडवाइजरी जारी की है। इससे पहले बकरीद (Bakrid) के दौरान भी वक्फ बोर्ड ने सख्त हिदायत दी थी कि:
कुर्बानी (Qurbani) किसी भी सूरत में खुले में नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे पूरी तरह से बंद जगह पर ही किया जाना चाहिए।
बोर्ड ने कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर खुले में खून नहीं बहाना चाहिए।
साथ ही दूसरे धर्म के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश में आपसी भाईचारे (Brotherhood) का उदाहरण पेश करने की अपील की गई थी।
नोट: देशभर की राजनीति, सामाजिक-धार्मिक मुद्दों और छत्तीसगढ़ की हर ताज़ा व बड़ी अपडेट के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में NIFT के छात्रों का जलवा: भारत ने जीते 2 रजत और…
'टीम एग्रीकल्चर' के दम पर दुनिया का फूड बास्केट बनेगा भारत: रबी अभियान-2026 में कृषि…
FCRA रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वतखोरी: गृह मंत्रालय के इनपुट पर दिल्ली पुलिस का बड़ा…
एशियन गेम्स 2026: शूटर नीरू ढांडा ने रचा इतिहास, इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में जीता भारत…
सुल्तानपुर में खौफनाक वारदात: शिक्षक संघ अध्यक्ष और उनकी पत्नी की गला रेतकर निर्मम हत्या,…
जौनपुर: 50% अनुदान पर मिले 'पावर टिलर' ने बदली किसान की तकदीर, कम लागत और…