Breaking News

असम: जोरहाट में वायुसेना का AN-32 क्रैश, 5 जवान शहीद

🛩️ असम के जोरहाट में बड़ा हादसा: वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश, 5 जवानों की शहादत, ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश

जोरहाट (असम): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारतीय वायु सेना (IAF) का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट (परिवहन) एयरक्राफ्ट शनिवार सुबह असम के जोरहाट में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

राउरिया (Rowriah) एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान हुए इस दर्दनाक हादसे में वायु सेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई है।

राहत की बात यह है कि इस हादसे में विमान के को-पायलट बाल-बाल बच गए हैं और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस दर्दनाक विमान हादसे और भारतीय वायुसेना की कार्यवाही की पूरी जानकारी:

💥 लैंडिंग के प्रयास के दौरान हुआ हादसा

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा शनिवार सुबह उस वक्त हुआ जब AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ऊपरी असम के रणनीतिक रूप से अहम इलाके राउरिया एयरबेस पर लैंडिंग का प्रयास कर रहा था।

  • विमान का रूट: बताया जा रहा है कि यह एयरक्राफ्ट अरुणाचल प्रदेश से उड़ान भरकर जोरहाट जा रहा था, तभी यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

  • IAF का बयान: हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए इस दुखद घटना की पुष्टि की।

  • वायुसेना ने लिखा, “IAF को इस जान-माल के नुकसान पर गहरा अफ़सोस है और दुख की इस घड़ी में हम पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।”

🔍 वायुसेना ने दिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश

हादसे के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया था। दुर्घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए वायु सेना ने ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं।

विमान में कोई तकनीकी खराबी थी या मौसम की वजह से यह हादसा हुआ, इसका खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

🛡️ 40 साल से भारतीय वायुसेना की ‘रीढ़’ है AN-32 विमान

इस दुर्घटना पर रिटायर्ड एयर मार्शल संजीव कपूर ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AN-32 एक बहुत ही सुरक्षित विमान है और पिछले 40 सालों से भारतीय वायु सेना के ट्रांसपोर्ट बेड़े की रीढ़ बना हुआ है।

  • दुर्गम इलाकों में कारगर: यह विमान उत्तर में सियाचिन, लेह, लद्दाख के बर्फीले ड्रॉप जोन से लेकर दक्षिण-पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों तक में सफलतापूर्वक काम करता है।

  • समुद्री क्षेत्रों में भी उपयोगी: अंडमान और निकोबार के साथ-साथ लक्षद्वीप और पोर्ट ब्लेयर जैसे हमारे द्वीपीय व तटीय इलाकों में भी यह एयरक्राफ्ट शानदार सेवाएं देता रहा है।

  • चाहे पैरा-जंपिंग हो, सैन्य हमला हो, लोगों को सुरक्षित निकालना (Evacuation) हो या स्पेशल ऑपरेशंस, ये विमान हर कसौटी पर खरे उतरे हैं। इन्हें समय-समय पर अपग्रेड किया गया है और ये उड़ान भरने के लिए बिल्कुल अच्छी हालत में हैं।

नोट: देशभर की रक्षा मामलों, सेना के ऑपरेशंस और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।

Santosh SETH

Recent Posts

4 राज्यों में हो सकता है सियासी ‘बड़ा धमाका’, सरकारें गिरने की आशंका

दिवाली के बाद देश में बड़ा सियासी 'धमाका': जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, बिहार और पंजाब में भारी…

13 hours ago

बाबरी बनेगी, हिम्मत है तो रोक लो…हुमायूं कबीर की खुली धमकी

हुमायूं कबीर का बड़ा ऐलान: 6 दिसंबर को मस्जिद निर्माण स्थल पर करेंगे 'विशाल जलसा';…

13 hours ago

अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: ‘कांग्रेस ने संसद को बंधक बनाया’

अमित शाह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला: 'कांग्रेस ने संसद को बंधक बनाया; हम…

13 hours ago

राजस्थान: अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका, रुट बाधित

राजस्थान में बड़ी साजिश? अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका, बाल-बाल बची ट्रेन; जांच में…

14 hours ago

रबी बुआई और किसानों की मदद पर शिवराज सिंह चौहान के बड़े निर्देश

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, बोले- 'संकट में किसानों के…

2 days ago

जौनपुर रोजगार मेला: BRP इंटर कॉलेज में 1047 युवाओं को मिली नौकरी

जौनपुर: BRP इंटर कॉलेज के 'वृहद रोजगार मेले' में 1047 युवाओं की चमकी किस्मत, 50…

2 days ago