रायपुर नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत सेप्टिक टैंकों की सफाई को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए 'UPYOG-FSSM' डैशबोर्ड प्रोटोटाइप लॉन्च किया है।
डिजिटल पारदर्शिता से स्वच्छता हुई स्मार्ट: रायपुर में SBM-U के तहत ‘UPYOG-FSSM’ डैशबोर्ड लॉन्च, मध्य भारत का पहला मॉडल”
रायपुर : THE POLITICS AGAIN डेस्क (डेवलपमेंट/गवर्नेंस रिपोर्ट): कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) की सफलता की दिशा में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) ने एक ऐतिहासिक और प्रभावी कदम उठाया है।
शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को स्मार्ट और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से रायपुर नगर निगम ने डिजिटल फीकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम (Digital Faecal Sludge Management System – FSM) डैशबोर्ड प्रोटोटाइप का शुभारंभ किया है।
इस अभिनव पहल के साथ ही रायपुर नगर निगम अब मध्य भारत का पहला और देश का ऐसा अग्रणी शहरी स्थानीय निकाय (ULB) बन गया है,
जिसने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) 2.0 के अंतर्गत इस तरह के आधुनिक डिजिटल ढांचे को सफलतापूर्वक अपनाया है।
यह उन्नत डिजिटल प्रणाली आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) और राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के UPYOG (Urban Platform for DeliverY of Online Governance) प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
इसे यूनिसेफ (UNICEF) और एंटिट कंसल्टेंसी सर्विसेज (Entit Consultancy Services) के विशेष तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है।
नागरिकों को मिलेंगी ये सुगम सुविधाएं: इस नई डिजिटल प्रणाली से डी-स्लजिंग (सेप्टिक टैंक की सफाई) की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी हो गई है। अब नागरिकों को इसके लिए नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
वन-क्लिक बुकिंग: नागरिक मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी डालकर आसानी से बुकिंग कर सकते हैं। सिस्टम स्वतः ही एड्रेस (Location) ट्रैक कर लेगा।
ऑनलाइन भुगतान और ऑटोमेटेड अप्रूवल: सिंगल पेज फॉर्म और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा ने पूरी प्रक्रिया को तेज और भ्रष्टाचार मुक्त बना दिया है। ऑटोमेटेड अप्रूवल सिस्टम से आवेदन के बाद प्रतीक्षा का समय न्यूनतम हो गया है।
यह सिस्टम केवल नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि नगर निगम प्रबंधन के लिए भी अत्यधिक प्रभावशाली है।
एक आवेदन पर एक ट्रिप: सिस्टम ‘रियल-टाइम वेरिफिकेशन’ के जरिए सटीक प्लानिंग सुनिश्चित करता है।
डिजिटल सत्यापन: सफाई कार्य पूरा होने के बाद ड्राइवर द्वारा फोटो अपलोड करने से कार्य का वास्तविक और डिजिटल सत्यापन होता है।
इससे डैशबोर्ड के माध्यम से संसाधनों का इष्टतम उपयोग, वाहनों की लाइव ट्रैकिंग और बेहतर मॉनिटरिंग संभव हो पाती है। यह डेटा-आधारित (Data-driven) निर्णय क्षमता भविष्य की स्मार्ट प्लानिंग में मील का पत्थर साबित होगी।
इस डिजिटल इनोवेशन का सबसे महत्वपूर्ण और मानवीय पहलू ‘सफाईमित्रों’ की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सरकार के ‘मैनहोल से मशीनहोल’ (Manhole to Machinehole) अभियान के तहत मैनुअल सीवेज सफाई को पूरी तरह से मशीनीकृत (Mechanized) सफाई में बदला जा रहा है।
डिजिटल निगरानी की सुविधा होने से अब यह आसानी से सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सफाई की पूरी प्रक्रिया तय सुरक्षा मानकों के साथ पूरी की जाए, जिससे मानवीय जोखिम को कम किया जा सके।
SBM-U 2.0 के तहत रायपुर शहर की यह बड़ी उपलब्धि प्रमाणित करती है कि अगर प्रशासन, सरकार और तकनीकी विशेषज्ञता का सही संगम हो, तो शहरी जीवनशैली को अत्यधिक सुगम बनाया जा सकता है।
UPYOG-FSSM मॉडल प्लेटफॉर्म न केवल सिस्टम में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि डेटा-आधारित गवर्नेंस के जरिए रायपुर को स्वच्छता के वैश्विक मानकों के और करीब ले जाएगा।
जौनपुर : राष्ट्रीय लोक अदालत में 59,218 मुकदमों का रिकॉर्ड निस्तारण, 22.57 करोड़ रुपये का…
ब्रिक्स 2026: ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने किए जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज के चरण स्पर्श,…
ब्रिक्स समिट 2026: मोदी, पुतिन और जिनपिंग की एक तस्वीर में दिखा नया 'वर्ल्ड ऑर्डर',…
ब्रिक्स समिट 2026 (पहला दिन): साझा घोषणापत्र जारी, आतंकवाद पर कड़ा प्रहार और मोदी-जिनपिंग वार्ता…
ब्रिक्स बैठक: साझा मुद्रा या 'डी-डॉलराइजेशन' का जिक्र नहीं, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और UPI…
ब्रिक्स 2026: शी जिनपिंग का मध्य पूर्व में शांतिदूत बनने का आह्वान, मनमाने टैरिफ और…