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जल्द ही भारत में आयरन डोम इंटरसेप्टर मिसाइल का होगा उत्पादन

रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग: इजरायल की कंपनी ‘राफेल’ भारत में करेगी ‘आयरन डोम’ इंटरसेप्टर का निर्माण!

नई दिल्ली : THE POLITICS AGAIN डेस्क (डिफेंस/ग्लोबल रिपोर्ट): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

रक्षा क्षेत्र (Defense Sector) में आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) अभियान को जल्द ही एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता मिल सकती है।

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की प्रमुख रक्षा कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स (Rafael Advanced Defense Systems) भारत में अपने विश्व प्रसिद्ध ‘आयरन डोम’ (Iron Dome) वायु रक्षा प्रणाली के इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन पर गंभीरता से विचार कर रही है।

उत्पादन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और तंत्र देश में स्थापित करने के लिए इजरायली कंपनी लगातार भारतीय रक्षा कंपनियों और प्रतिष्ठानों के संपर्क में है।

वर्तमान में कहाँ होता है निर्माण?

‘आयरन डोम’ दुनिया के सबसे अचूक और उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में से एक माना जाता है, जिसने हाल ही में इजरायल पर हुए हमलों में अपनी क्षमता साबित की है।

राफेल कंपनी वर्तमान में इस सिस्टम के इंटरसेप्टरों (Tamir Interceptors) का उत्पादन उत्तरी इजरायल स्थित अपने एक प्लांट में करती है।

  • अमेरिका में भी है उत्पादन लाइन: पिछले वर्ष अमेरिका में रेथियॉन (Raytheon) कंपनी के साथ साझेदारी में एक मिसाइल उत्पादन लाइन भी शुरू की गई थी।

  • अमेरिकी प्लांट मुख्य रूप से मरीन के नए वायु रक्षा सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर की आपूर्ति करेगा और आवश्यकता पड़ने पर इजरायल की रक्षा जरूरतों के लिए बैकअप भी देगा।

भारत में उत्पादन के बड़े लाभ: ‘बायर’ से बनेगा ‘मैन्युफैक्चरर’

भारत में उत्पादन लाइन शुरू होने से इजरायली कंपनी और भारत, दोनों को कई रणनीतिक और आर्थिक फायदे होंगे:

  • निर्यात और कम लागत: भारत में निर्माण होने से राफेल कंपनी को अन्य देशों को इंटरसेप्टर निर्यात करने में भारी मदद मिलेगी। भारत में निर्माण से इसकी उत्पादन लागत भी काफी कम हो जाएगी।

  • ग्लोबल सप्लाई चेन: दुनिया भर में वायु रक्षा प्रणालियों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में भारत की उत्पादन लाइन आवश्यकता पड़ने पर अन्य उत्पादन लाइनों के लिए एक मजबूत अतिरिक्त बैकअप के रूप में काम करेगी।

  • अर्थव्यवस्था को मजबूती: भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान अब विदेशी कंपनियों से यही अपेक्षा करता है कि वे भारत में न केवल अपने उत्पादों को स्थानीय सेना को बेचने के लिए बनाएं, बल्कि भारत को एक निर्यात हब (Export Hub) के रूप में भी विकसित करें। इससे भारत की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार दोनों मजबूत होंगे।

भारत-इजरायल की मजबूत रक्षा साझेदारी

भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध दशकों से काफी गहरे रहे हैं। भारत ने अपनी वायु सेना, नौसेना और थल सेना के लिए ‘इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज’ (IAI) का ‘बराक 8’ (Barak 8) वायु रक्षा सिस्टम अरबों रुपये में खरीदा था। यह सिस्टम दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया था।

हालांकि, भारत वर्तमान में कम दूरी के हवाई खतरों से निपटने के लिए तेजी से अपने घरेलू वायु रक्षा सिस्टम भी विकसित कर रहा है।

ऐसे में आयरन डोम की उन्नत तकनीक और उत्पादन क्षमता का भारत आना, भारतीय रक्षा उद्योग के इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Santosh SETH

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