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BRICS बैठक: जयशंकर ने किया फिलिस्तीन के ‘टू-स्टेट’ का समर्थन

BRICS बैठक में भारत की दो टूक: जयशंकर ने फिलिस्तीन पर दोहराया ‘टू-स्टेट’ समाधान का समर्थन; ईरान ने US-इजरायल के खिलाफ मांगी मदद”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में गुरुवार को पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) का संकट पूरी तरह से छाया रहा।

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत फिलिस्तीन मुद्दे पर ‘दो-राज्य समाधान’ (Two-State Solution) का मजबूती से समर्थन करता है।

इसके साथ ही उन्होंने ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की।

यह उच्च स्तरीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व में दो महीने से चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ऊर्जा की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

‘शांति टुकड़ों में नहीं मिल सकती’- एस. जयशंकर

विदेश मंत्री ने 28 फरवरी से खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से समुद्री यातायात और वैश्विक ऊर्जा अवसंरचना को भारी खतरा पैदा हो गया है, जो क्षेत्र के नाजुक सुरक्षा माहौल को दर्शाता है।

जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “इन सभी संकटों से एक वास्तविकता उजागर होती है: स्थिरता चुनिंदा नहीं हो सकती और शांति टुकड़ों में नहीं मिल सकती।”

अन्य युद्धग्रस्त देशों पर भी जताई चिंता

जयशंकर ने केवल फिलिस्तीन और ईरान के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि लेबनान, सीरिया, सूडान, यमन और लीबिया में जारी अस्थिरता पर भी प्रकाश डाला।

  • सूडान और यमन: उन्होंने कहा कि सूडान के संघर्ष से भारी मानवीय क्षति हो रही है, जबकि यमन में समुद्री जोखिम लगातार बने हुए हैं।

  • भारत का रुख: उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और नागरिकों की रक्षा करना सर्वोपरि है।

  • भारत तनाव कम करने और स्थिरता बहाल करने की हर पहल में रचनात्मक योगदान देने के लिए तैयार है।

ईरान ने BRICS मंच से अमेरिका और इजरायल पर साधा निशाना

इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ ईरान जैसे नए सदस्य देशों के राजनयिक भी भाग ले रहे हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (जो अमेरिका के साथ वार्ता में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं) ने इस मंच का उपयोग अमेरिका और इजरायल को घेरने के लिए किया।

अराघची ने BRICS देशों से अमेरिका और इजरायल की कड़ी निंदा करने का आग्रह किया। उन्होंने दोनों देशों पर तेहरान के खिलाफ “गैरकानूनी आक्रामकता” का आरोप लगाते हुए ब्लॉक के सदस्यों से ‘युद्ध भड़काने की साजिशों’ को रोकने के लिए व्यावहारिक कदम उठाने की अपील की।

Santosh SETH

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