केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर स्वच्छता को जन-जन के व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
शिवराज सिंह चौहान का अधिकारियों को निर्देश: स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जन-जन के व्यवहार का हिस्सा बने”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वच्छता को लेकर एक बड़ा आह्वान किया है।
मंगलवार को कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के सचिवों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता को केवल किसी अभियान की निर्धारित अवधि तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
इसे जन-जन के दैनिक जीवन और स्थायी व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की प्रभावशीलता और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने व्यापक जनभागीदारी को आवश्यक बताया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता गतिविधियां महज औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि इसके स्पष्ट और मापनीय (Measurable) परिणाम सामने आने चाहिए।
उन्होंने अभियान के तहत किए गए कार्यों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करने और बदलाव को दर्शाने के लिए ‘पहले और बाद’ (Before & After) के चित्रों के माध्यम से उपलब्धियों को दर्ज करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मुख्यालय और फील्ड कार्यालयों में सघन सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
इस दौरान कार्यालयों से पुराने फर्नीचर, स्क्रैप और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (E-waste) के निस्तारण और नीलामी से लगभग 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
इसके साथ ही सफाई कर्मियों के सम्मान, उनके स्वास्थ्य जांच और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान जैसी गतिविधियां भी सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
सभी मंत्रालयों और विभागों में 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य लंबित फाइलों का त्वरित निस्तारण करना,
कार्यालयों में खाली पड़े स्थान का बेहतर उपयोग करना और बचे हुए स्क्रैप व अनुपयोगी कंप्यूटर/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नियमानुसार हटाना है।
बैठक में उपस्थित सचिवों (श्री अतिश चंद्रा, डॉ. मांगी लाल जाट, श्री रोहित कंसल और श्री पी नरहरि) ने अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना साझा की।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से पूसा परिसर सहित देश भर में किसानों और ग्रामीण समुदायों को स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरणीय जागरूकता से जोड़ा जा रहा है।
श्री चौहान ने कहा कि इस अभियान की सफलता केवल परिसरों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर किसानों, युवाओं और सफाई कर्मियों की सहभागिता से ही इसका वास्तविक प्रभाव सुनिश्चित होगा।
| विषय / बिंदु | महत्वपूर्ण जानकारी |
| बैठक की अध्यक्षता | श्री शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री) |
| बैठक का मुख्य संदेश | स्वच्छता को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाना, केवल अभियान तक सीमित न रखना। |
| राजस्व प्राप्ति | पुराने फर्नीचर और ई-कचरे (Scrap) के निस्तारण से ₹15 लाख का राजस्व। |
| विशेष अभियान की अवधि | 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक। |
| विशेष अभियान का लक्ष्य | लंबित फाइलों का निपटारा, कबाड़ निस्तारण और कार्यालयीन स्थान का बेहतर उपयोग। |
| संबंधित विभाग | कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ICAR एवं DARE |
| प्रमुख गतिविधियां | ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ‘एक पेड़ माँ के नाम’, सफाई कर्मियों का सम्मान व स्वास्थ्य जांच। |
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