ब्रिक्स 2026: ईरान ने दी अमेरिका को चेतावनी, ट्रंप बोले- जल्द खत्म होगा युद्ध
ब्रिक्स समिट 2026: ईरान ने अमेरिका-इज़राइल को ललकारा, समुद्री जंग तेज और ट्रंप ने किया युद्ध समाप्ति का दावा”
नई दिल्ली : संतोष सेठ, संपादक (THE POLITICS AGAIN)
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच से ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका और इज़राइल को खुली चेतावनी दी है।
पश्चिम एशिया में चरम पर पहुंचे तनाव के बीच पेज़ेशकियन ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान किसी भी तरह की “दादागिरी” और “अहंकार” के आगे घुटने नहीं टेकेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से डटा रहेगा।
भारत-ईरान संबंधों पर अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी
ब्रिक्स के इतर पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात पर अमेरिका ने भी पैनी नजर रखी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच किसी नए व्यापार समझौते को लेकर कोई बातचीत चल रही है।
साथ ही, उन्होंने दुनिया भर के देशों को सख्त चेतावनी दी कि वे ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में किसी भी प्रकार की मदद न करें।
समुद्र में भारी टकराव: जहाज और टैंकर नष्ट
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनातनी अब समुद्री युद्ध में बदल चुकी है। अमेरिकी सेना द्वारा पांच ईरानी तेल टैंकरों को तबाह करने (जिसमें लाखों लीटर कच्चा तेल जल गया) के बाद ईरान ने भी बड़ा पलटवार किया है।
ईरान ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के दो जहाजों को डुबो दिया है और उसके आठ तेल टैंकरों को भी नेस्तनाबूद कर दिया है।
चुनाव के बाद खत्म होगा युद्ध, होर्मुज पर हमारा कब्जा: ट्रंप
इस भीषण तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के ठीक बाद ईरान के साथ जारी यह युद्ध समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि ईरान भारी संकट में है और कमजोर हो चुका है, लेकिन वह अमेरिका में राजनीतिक बदलाव की उम्मीद लगाए बैठा है।
ट्रंप ने अपनी आक्रामक नीति का बचाव करते हुए कहा, “ईरानी शासन पागल है। अगर हमने बी-2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल कर उसकी परमाणु क्षमताओं को नष्ट नहीं किया होता और परमाणु समझौता रद्द नहीं किया होता, तो वह अब तक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर चुका होता।”
इसके साथ ही ट्रंप ने ऐलान किया कि ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) पर अब पूरी तरह से अमेरिका का नियंत्रण है।











