समस्तीपुर में मानव तस्करी के चंगुल से मुक्त कराए गए युवक-युवतियां और तैनात पुलिस बल

बिहार : समस्तीपुर में मानव तस्करी का भंडाफोड़, 115 युवक-युवतियां रेस्क्यू

समस्तीपुर में मानव तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश: 48 लड़कियों समेत 115 लोग रेस्क्यू, ‘सरकारी नौकरी’ का दिया था झांसा “

समस्तीपुर (बिहार): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बिहार के समस्तीपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां पुलिस ने मानव तस्करी (Human Trafficking) और जबरन बंधक बनाकर काम कराने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय/अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक चले एक सघन ‘जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन’ में पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 115 युवक-युवतियों को सुरक्षित रिहा कराया है।

कई नाबालिग भी थे बंधक

रेस्क्यू किए गए 115 लोगों में 48 लड़कियां और 67 लड़के शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुक्त कराए गए इन पीड़ितों में कई नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें उनके परिवारों से दूर एक खौफनाक दुनिया में धकेल दिया गया था।

‘सरकारी नौकरी’ के नाम पर बुना गया था जाल

शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस सिंडिकेट का मुख्य निशाना असम और पश्चिम बंगाल के गरीब व लाचार परिवार थे।

इन भोले-भाले युवक-युवतियों को ‘सरकारी नौकरी’ दिलाने का झूठा सपना दिखाकर समस्तीपुर लाया गया था।

आरोप है कि यहां लाने के बाद उन्हें एक कथित सेंटर (अवैध ठिकाने) में बंधक बनाकर रखा गया। वहां उनकी हर गतिविधि पर चौबीस घंटे कड़ी निगरानी रखी जाती थी।

पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि यदि कोई घर लौटने या काम छोड़ने की बात करता था, तो उसे डराया-धमकाया जाता था और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी।

एक लापता लड़की की तलाश से खुली पोल

अपराध के इस बड़े साम्राज्य का पर्दाफाश तब हुआ, जब पुलिस एक लापता युवती की गुमशुदगी की जांच कर रही थी।

जांच के तार जोड़ते हुए पुलिस की टीम इस खौफनाक नेटवर्क के ठिकाने तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), महिला थाना और कई सामाजिक संस्थाओं (NGOs) ने मिलकर एक बड़ा जॉइंट ऑपरेशन चलाया और सभी को मुक्त कराया।

क्या कह रही है पुलिस?

समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अरविंद प्रताप सिंह ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि:

“मामले की बहुत गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी 115 पीड़ितों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हमने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।”

मास्टरमाइंड की तलाश तेज

जांच एजेंसियां अब इस पूरे रैकेट के ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस समस्तीपुर और आसपास के इलाकों में ऐसे अन्य अवैध सेंटर्स की भी तलाश कर रही है।

फिलहाल, सभी पीड़ितों की पहचान की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।