बड़ी राहत: कमर्शियल और इंडस्ट्रियल LPG सप्लाई पर लगी सभी पाबंदियां हटीं
केंद्र सरकार की इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG ग्राहकों को बड़ी राहत: सप्लाई पर लगी सभी पाबंदियां हटीं, बल्क सप्लाई में भी ढील”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश के व्यापारिक और औद्योगिक घरानों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है।
केंद्र सरकार ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए, नॉन-डॉमेस्टिक पैक्ड LPG की सप्लाई पर लगी सभी ‘सेक्टर-वाइज’ पाबंदियों को पूरी तरह से हटा दिया है।
‘The Politics Again’ की बिजनेस रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अब LPG सप्लाई को ‘पश्चिम एशिया संकट’ (Middle East Crisis) से पहले के लेवल पर बहाल कर दिया है।
बल्क LPG सप्लाई में भी दी गई छूट
पाबंदियां हटाने के साथ-साथ, केंद्र सरकार ने संकट की शुरुआत के समय रोकी गई ‘बल्क LPG सप्लाई’ (Bulk LPG Supply) में भी बड़ी ढील दी है।
इसे संकट से पहले की खपत के लेवल का 50 प्रतिशत फिर से कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कस्टमर्स को अपने कामकाज में काफी राहत मिलेगी।
LPG सप्लाई में सुधार के बाद लिया गया फैसला
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) के मुताबिक, सप्लाई बहाल करने का यह निर्णय LPG आपूर्ति की स्थिति में हालिया सुधार के बाद लिया गया है।
- क्या था पुराना नियम: पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के दौरान, घरेलू LPG का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) के तहत कड़े ऑर्डर जारी किए थे।
- इन ऑर्डर्स में स्पष्ट कहा गया था कि C3-C4 स्ट्रीम का प्रयोग केवल LPG उत्पादन के लिए ही होगा। उन्हें पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम प्रयोगों से हटाकर पूरी तरह से LPG के प्रोडक्शन में लगा दिया गया था।
घरेलू LPG प्रोडक्शन की स्थिति हुई मजबूत
अब घरेलू स्तर पर LPG प्रोडक्शन में सुधार हुआ है और इम्पोर्टेड LPG कार्गो (Imported LPG Cargo) की अनुमानित उपलब्धता भी बेहतर हुई है।
- इसके मद्देनजर, केंद्र सरकार ने LPG पूल के लिए C3/C4 स्ट्रीम के इस्तेमाल में बदलाव को कम करने का भी निर्णय लिया है।
- 40 TMT का लक्ष्य: नॉन-LPG प्रयोग के लिए C3-C4 स्ट्रीम का बढ़ा हुआ अलॉटमेंट इस प्रकार लागू किया जाएगा कि डॉमेस्टिक (घरेलू) LPG की उपलब्धता पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
- साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कुल घरेलू LPG उत्पादन हर दिन 40 TMT (Thousand Metric Tonnes) से कम न हो।
इंडस्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को होगा सीधा फायदा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का मानना है कि पिछले कुछ सप्ताह में इंटरनेशनल मार्केट में LPG की उपलब्धता को लेकर हालात काफी सुधरे हैं। इसके अलावा, इम्पोर्ट कार्गो की सप्लाई भी भारत की अपेक्षा के मुताबिक बनी हुई है।
इसी सकारात्मक माहौल को देखते हुए केंद्र सरकार ने चरणबद्ध (Phased) तरीके से उन पाबंदियों को हटाने का निर्णय किया है, जो आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए देश में अस्थायी तौर पर लगाई गई थीं। सरकार के इस फैसले से:
- बड़ी इंडस्ट्रीज और कारखानों
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
- होटल और रेस्टोरेंट
- और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अब ईंधन बिना किसी रुकावट के बेहतर तरीके से मिल पाएगा।











