बॉर्डर पर अमित शाह की दहाड़: कठुआ में BSF जवानों का बढ़ाया हौसला, सुरक्षा पर ‘हाई-लेवल’ मीटिंग; आतंकियों को कड़ा संदेश
“केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर दौरे की शुरुआत शुक्रवार को पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर सुरक्षा का जायजा लेकर की”
जम्मू/कठुआ: “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट
शाह सीधे कठुआ के हीरानगर सेक्टर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरनाम और बोबियां (Bobiya) सीमा चौकियों (BOPs) का दौरा किया।
अग्रिम मोर्चे पर तैनात बीएसएफ (BSF) के जवानों के साथ सीधा संवाद कर गृह मंत्री ने न केवल उनका मनोबल बढ़ाया, बल्कि दुश्मनों को यह संदेश भी दिया कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
BSF के लिए 6 कल्याणकारी योजनाएं
जवानों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अमित शाह ने बोबियां में सीमा रक्षकों के लिए 6 कल्याणकारी योजनाओं का डिजिटल उद्घाटन और शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा, “मैं यहां से बहुत कुछ प्रेरणा लेकर जा रहा हूं। मोदी सरकार देश की सुरक्षा में लगे हर जवान के साथ मजबूती से खड़ी है।”
आतंक के खिलाफ ‘फाइनल वार’ की तैयारी
सरहद से लौटने के बाद शाह ने जम्मू के लोक भवन में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
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संदर्भ: यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पिछले दो हफ्तों में कठुआ, उधमपुर और किश्तवार में सुरक्षाबलों ने 12 मुठभेड़ों में जैश-ए-मोहम्मद के 4 पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर किया है।
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फोकस: बैठक का मुख्य उद्देश्य घुसपैठ, हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी (Narco-Terrorism) को पूरी तरह रोकना है।
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संवेदना: गृह मंत्री ने आतंकवाद से पीड़ित परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र भी सौंपे।
किसने किया स्वागत?
अमित शाह के गुरुवार देर रात जम्मू पहुंचने पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने उनका स्वागत किया। यह सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को दर्शाता है।
किसानों की उम्मीद: फेंसिंग आगे बढ़े
बोबियां गांव के स्थानीय किसानों ने गृह मंत्री से एक बड़ी उम्मीद लगाई है। उनका कहना है कि अगर ‘बॉर्डर फेंसिंग’ को थोड़ा आगे बढ़ाया जाए, तो वे अपनी उपजाऊ जमीन पर बिना डर के खेती कर सकेंगे। उम्मीद है कि शाह इस पर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।











