अमित शाह ने किया सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस को संबोधित
सहकारिता मंत्रालय के 5 साल बेमिसाल: अमित शाह बोले- ‘2047 के समृद्ध भारत की मजबूत नींव बनेगा सहकारिता आंदोलन”
नई दिल्ली :THE POLITICS AGAIN डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया।
इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्रालय के गठन से सहकारिता से जुड़े 30 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा मिली है।
श्री शाह ने जोर देकर कहा कि जब देश 2047 में अपनी आज़ादी की शताब्दी मनाएगा, तब ‘समृद्ध भारत’ की सबसे मजबूत नींव यही सहकारिता आंदोलन होगा।
5 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां और ऐतिहासिक कदम
अमित शाह ने बताया कि पिछले 75 वर्षों में सहकारिता आंदोलन उपेक्षा का शिकार था, लेकिन पिछले 5 सालों में इस क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर एक पारदर्शी और आधुनिक रोडमैप तैयार किया गया है:
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विशाल डेटाबेस: कृषि, डेयरी, बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स को जोड़ने के लिए 30 क्षेत्रों की 8.58 लाख से अधिक सहकारी संस्थाओं और 32 करोड़ सदस्यों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है।
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9 राष्ट्रीय समितियां: 9 नई राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियां बनाई गई हैं, जो आने वाले 10 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सबसे बड़ी कोऑपरेटिव बनेंगी।
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त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी: पैक्स से लेकर एपेक्स तक प्रोफेशनलिज्म लाने और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए इस यूनिवर्सिटी की शुरुआत की गई है।
ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को संजीवनी
सहकारिता मंत्रालय ने किसानों की आय और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई ढांचागत बदलाव किए हैं। इन उपलब्धियों को नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है:
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क्षेत्र / संस्था |
महत्वपूर्ण उपलब्धि एवं लक्ष्य |
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जिला सहकारी बैंक (DCCB) |
बैंकिंग सुधारों के बाद कारोबार ₹19.6 लाख करोड़ से बढ़कर ₹25 लाख करोड़ के पार। |
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भारत बीज सहकारी समिति |
अगले 3 वर्षों में देश की सबसे बड़ी गैर-सरकारी बीज उत्पादन कंपनी बनेगी। |
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पैक्स (PACS) का विकास |
₹3,000 करोड़ से कंप्यूटरीकरण; 55,000 PACS दे रहे CSC सेवाएं, 50,000 बने ई-पैक्स। |
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NCDC (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम) |
सहकारिता क्षेत्र के विस्तार के लिए ₹70,000 करोड़ का नया निवेश किया। |
‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ और 100% सर्कुलर इकोनॉमी
श्री शाह ने जैविक खेती, गोबर प्रबंधन और ऊर्जा उत्पादन को सहकारिता मॉडल से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शुगर और डेयरी क्षेत्र में 100 प्रतिशत सर्कुलर इकोनॉमी लाई जा रही है। गन्ने के कचरे (बगास, प्रेसमड) से जैविक खाद और ऊर्जा बनाई जाएगी। ‘
गोमय सहकारी समिति’ के जरिए गोबर प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पीएम मोदी का ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ मिशन साकार होगा।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में गृह मंत्री ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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श्री शाह ने कहा कि अगर डॉ. मुखर्जी नहीं होते, तो आज कश्मीर और पूरा पश्चिम बंगाल तथा असम, भारत का हिस्सा नहीं होते।
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उन्होंने कहा कि ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान’ का कड़ा विरोध करने वाले डॉ. मुखर्जी के अनुच्छेद 370 को हटाने के सपने को पीएम मोदी ने पूरा किया है।
कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
इस भव्य समारोह के दौरान अमित शाह ने सहकारिता को गति देने वाली कई नई पहलों का उद्घाटन किया:
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135 अन्न भंडारण गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का लोकार्पण और 47 का शिलान्यास।
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अमूल और NCCF द्वारा ‘सहकार वन’ का भूमि पूजन।
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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और महाराष्ट्र के जलगांव में BBSSL की टिश्यू कल्चर सुविधाओं का शुभारंभ।
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‘सहकार CBS’ (केंद्रीकृत कोर बैंकिंग प्लेटफॉर्म) और शहरी सहकारी बैंकों के लिए AI-संचालित प्लेटफॉर्म ‘सहकार सहयोगी’ का अनावरण।











