Strait of Hormuz Blockade

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका ने उतारे 15 युद्धपोत, ईरान की नाकेबंदी शुरू

अमेरिका का ‘महा-एक्शन’: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात किए 15 युद्धपोत, ईरानी जहाजों की नाकेबंदी शुरू; जेडी वेंस ने दी बड़ी चेतावनी

वाशिंगटन/तेहरान: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इस्लामाबाद में शांति वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।

रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) पर समुद्री नाकेबंदी की डेडलाइन खत्म होते ही अमेरिका ने बड़ा एक्शन लिया है।

अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ईरानी जहाजों और तेल टैंकरों की सख्त नाकेबंदी शुरू कर दी है।

इस महा-नाकेबंदी को लागू करने के लिए अमेरिका ने पूर्वी इलाके में नेवी के 15 विध्वंसक युद्धपोत (Warships) तैनात कर दिए हैं।

ट्रंप का आदेश: ईरान से तेल लेकर निकलने वाले टैंकर्स को रोका जाए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कमांडरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अमेरिकन नेवी ईरान से तेल लेकर रवाना होने वाले किसी भी टैंकर को तुरंत रोके।

अमेरिका के इस आक्रामक कदम के बाद होर्मुज में पहले से मौजूद ईरानी नाकेबंदी का जवाब अब अमेरिकी नाकेबंदी से दिया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की चेतावनी: ‘यह खेल दोनों तरफ से खेला जा सकता है’

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। फॉक्स न्यूज से बातचीत करते हुए वेंस ने ईरान द्वारा होर्मुज में ट्रैफिक रोकने के कदम को ‘आर्थिक आतंकवाद’ (Economic Terrorism) करार दिया। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा।

वेंस ने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि यह खेल दोनों तरफ से खेला जा सकता है। अगर ईरान इस तरह की हरकतें जारी रखता है, तो अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान का एक भी जहाज वहां से बाहर न निकल पाए।”

ट्रंप का दावा: अमेरिकी निगरानी में गुजरे 34 जहाज

इस तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी नौसेना की कड़ी सुरक्षा और निगरानी में बीते दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 34 व्यापारिक जहाज सुरक्षित गुजरे हैं।

ट्रंप के अनुसार, जब से ईरान ने होर्मुज को बंद करने की कोशिश की है, उसके बाद से वहां से पार करने वाले जहाजों की यह सबसे बड़ी संख्या है। ट्रंप ने होर्मुज को बंद करने की ईरानी कोशिश को पूरी तरह से ‘बेवकूफी वाला कदम’ बताया।

ईरान का पलटवार: दुनिया भर के बाजार पर पड़ेगा भयंकर असर

अमेरिकी नाकेबंदी और युद्धपोतों की तैनाती पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर किसी भी तरह की नाकेबंदी का अंजाम दुनिया को भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इसका असर सिर्फ तेल की आपूर्ति पर ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर के बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका कई गुना ज्यादा विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।

संयुक्त राष्ट्र ने की शांति की अपील

होर्मुज में मंडराते युद्ध के बादलों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) भी अलर्ट हो गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान सहित सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

उन्होंने आह्वान किया है कि सभी पक्ष स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ‘जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता’ (Freedom of Navigation) का सम्मान करें और किसी भी ऐसे कदम से बचें जिससे वैश्विक व्यापार और सुरक्षा खतरे में पड़े।

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