समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी व मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव की तस्वीर।

अखिलेश यादव जन्मदिन: जानिए ! डिंपल संग उनकी फिल्मी लव स्टोरी

अखिलेश यादव का जन्मदिन आज: 21 की उम्र में डिंपल से हुआ था प्यार, दादी ने कराई थी शादी; जानें सपा अध्यक्ष की फिल्मी ‘लव स्टोरी’

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं।

1 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के सैफई में जन्मे अखिलेश यादव ने राजनीति में अपने पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की विरासत को बखूबी आगे बढ़ाया है।

अखिलेश यादव के इस खास दिन पर केवल उनके सियासी सफर की ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव के साथ उनकी शानदार ‘लव स्टोरी’ और 27 वर्षों के अटूट साथ की भी खूब चर्चा हो रही है।

धौलपुर से सिडनी तक की पढ़ाई

मुलायम सिंह यादव और मालती देवी के घर जन्मे अखिलेश यादव की प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल से हुई।

इसके बाद उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में स्नातक (Graduation) किया और फिर आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए, जहां उन्होंने सिडनी विश्वविद्यालय से पीजी (PG) की डिग्री हासिल की।

कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी पहली मुलाकात

अखिलेश यादव और डिंपल यादव की कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है।

  • पहली नजर का प्यार: दोनों की पहली मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। उस समय अखिलेश यादव महज 21 वर्ष के थे और डिंपल की उम्र 17 वर्ष थी। दोनों ने एक-दूसरे को पहली ही नजर में पसंद कर लिया था।

  • चिट्ठियों का दौर: धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ा और जब अखिलेश आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए, तब भी दोनों के बीच चिट्ठियों (पत्रों) के जरिए मीठी बातें और प्यार का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।

मुलायम सिंह नहीं थे तैयार, दादी ने बनवाई बात

करीब चार सालों तक लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया।

लेकिन असली अड़चन परिवारों की तरफ से थी। अखिलेश और डिंपल की जाति अलग-अलग होने के कारण परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं था।

स्वयं मुलायम सिंह यादव भी इस रिश्ते के खिलाफ थे। ऐसे में अखिलेश अपनी जिद पर अड़े रहे और अंततः उन्होंने अपनी दादी को मना लिया।

दादी की पहल और परिवारों की आपसी सहमति के बाद 24 नवंबर 1999 को दोनों विवाह बंधन में बंध गए। आज इस जोड़े के तीन बच्चे हैं— सबसे बड़ी बेटी अदिति और जुड़वा बच्चे अर्जुन व टीना।

सदन से लेकर सड़क तक, हर कदम पर डिंपल का साथ

एक गैर-राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद डिंपल यादव ने हर मोड़ पर अखिलेश यादव के फैसलों का पूरा समर्थन किया।

  • अखिलेश के पहली बार सीएम बनने के बाद कन्नौज लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरने की बात हो, या मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद ऐतिहासिक मैनपुरी सीट से चुनाव लड़ने का फैसला; डिंपल ने हमेशा बिना किसी सवाल के अपनी जिम्मेदारी निभाई।

  • आज लोकसभा में अखिलेश यादव के भाषणों के दौरान उनके ठीक पीछे बैठी डिंपल यादव अपने नेता और पति के हर भाव पर मजबूती से अपनी प्रतिक्रिया देती नजर आती हैं।

चाहे महिला सशक्तिकरण का मुद्दा हो या पार्टी की नीतियां, डिंपल सदन से लेकर सड़क तक अखिलेश यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी दिखती हैं।

यही कारण है कि अखिलेश यादव के जन्मदिन पर डिंपल यादव के उनके साथ 27 वर्षों के इस शानदार सफर को बेहद खास माना जा रहा है।