संसद भवन (Parliament House) का प्रतीकात्मक चित्र, जहां आगामी मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से, इन 3 मुद्दों पर मचेगा घमासान

20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र: NEET, महिला आरक्षण और दल-बदल पर NDA को घेरेगा विपक्ष; क्या DMK छोड़ देगी कांग्रेस का साथ?

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश की राजनीति का केंद्र माने जाने वाले संसद भवन में एक बार फिर भारी गहमागहमी देखने को मिलने वाली है।

संसद का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी के समक्ष इस आशय का एक प्रस्ताव रखा गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मानसून सत्र बेहद हंगामेदार होने वाला है, क्योंकि बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Bloc) के बीच सीधा और तीखा टकराव देखने को मिलेगा।

इन 3 प्रमुख मुद्दों पर घिरेगी सरकार, विपक्ष होगा आक्रामक

इस सत्र में तीन ऐसे अहम मुद्दे हैं, जिन पर विपक्ष ने सत्ताधारी एनडीए को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। इन मुद्दों पर सरकार पहले से ही बैकफुट पर नजर आ रही है:

  1. NEET पेपर लीक: देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा।
  2. 33 फीसदी महिला आरक्षण बिल: इस बिल को लागू करने की रूपरेखा और देरी को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे जाएंगे।
  3. TMC और शिवसेना (UBT) में दल-बदल: तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना से हाल ही में हुए सांसदों के दल-बदल का मुद्दा भी सदन का तापमान बढ़ाएगा।

क्या मानसून सत्र में आएगा संविधान संशोधन बिल?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में राज्यसभा के नए सदस्यों के शपथ लेने के बाद उच्च सदन में एनडीए के संख्या बल में इजाफा होने की उम्मीद है।

ऐसे में आगामी सत्र में सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या सरकार संविधान संशोधन बिल को आगे बढ़ाने की एक और कोशिश करती है या नहीं।

  • क्या है बिल का मकसद? इस संविधान संशोधन बिल का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की कुल संख्या में एक समान 50 फीसदी की बढ़ोतरी करना है, ताकि 33 फीसदी महिला आरक्षण को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

सीटिंग अरेंजमेंट और DMK का चौंकाने वाला रुख

सत्र की शुरुआत से ठीक पहले लोकसभा स्पीकर को दल-बदल करने वाले सांसदों की मान्यता को लेकर बड़ा फैसला लेना है।

इसी फैसले से तय होगा कि ये बागी सांसद सदन में सत्ता पक्ष के साथ बैठेंगे या विपक्ष के साथ। इस बीच, सबसे चौंकाने वाली खबर विपक्षी खेमे से आ रही है।

सूत्रों के मुताबिक, उम्मीद जताई जा रही है कि दक्षिण भारत की अहम पार्टी DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) संसद के अंदर कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट (INDIA) के साथ बैठने के बजाय अलग बैठने का फैसला कर सकती है।

अगर ऐसा होता है, तो यह विपक्ष की एकजुटता के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा।