Administration uses bulldozer to demolish an illegal structure on Gram Samaj land in Budaun

बदायूं : अवैध मस्जिदनुमा ढांचे पर चला प्रशासन का बुलडोजर

🚜 बदायूं में बड़ी कार्रवाई: ग्राम समाज की जमीन पर बने अवैध मस्जिदनुमा ढांचे पर चला प्रशासन का बुलडोजर”

बदायूं: द पॉलिटिक्स अगेन 

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में प्रशासन ने सरकारी और ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए एक बड़ी ‘बुलडोजर कार्रवाई’ को अंजाम दिया है।

जिले के कादरचौक क्षेत्र स्थित चतुरी नगला गांव में बिना अनुमति बनाए गए एक कथित मस्जिदनुमा ढांचे को राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि पूरा मामला क्या था और प्रशासन ने किस तरह इस ऑपरेशन को अंजाम दिया:

📄 क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुई कार्रवाई?

यह पूरा मामला ककोड़ा ग्राम पंचायत के मजरे चतुरी नगला का है।

  • प्रधान की शिकायत: गांव की ग्राम प्रधान अमरवती ने प्रशासन को एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों द्वारा ग्राम समाज की भूमि पर बिना किसी पूर्व अनुमति के एक धार्मिक स्थल (मस्जिदनुमा ढांचा) का अवैध निर्माण कर लिया गया है, जहां नमाज भी अदा की जा रही है।

  • राजस्व विभाग की जांच: इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग ने मामले की जांच शुरू की और जांच में तथ्य सही पाए जाने पर तहसीलदार न्यायालय में वाद दाखिल किया गया।

⚖️ 2022 से 2026 तक चली कानूनी प्रक्रिया

प्रशासन ने यह कार्रवाई सीधे तौर पर नहीं की, बल्कि लंबी कानूनी प्रक्रिया और अदालती आदेशों के पालन के तहत की है:

  • पहला आदेश (जुलाई 2022): सुनवाई के बाद तहसीलदार सदर न्यायालय ने 22 जुलाई 2022 को इस निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली और ध्वस्तीकरण (Demolition) का आदेश जारी किया था।

  • DM कोर्ट में अपील: इस फैसले को चुनौती देते हुए आले हसन नामक व्यक्ति ने जिलाधिकारी (DM) न्यायालय में अपील दाखिल की। डीएम कोर्ट ने मामले की दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए।

  • अंतिम फैसला (मई 2026): पुनः सुनवाई के बाद, तहसीलदार सदर न्यायालय ने 21 मई 2026 को फिर से निर्माण को नियमों के विपरीत और अवैध करार देते हुए ढांचे को हटाने का अंतिम आदेश पारित कर दिया।

🛑 छावनी में तब्दील रहा गांव, 3 घंटे चला बुलडोजर

अदालत का अंतिम आदेश आने के बाद प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किए गए।

  • दिया गया था समय: निर्माण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय देते हुए कई बार सूचना चस्पा की गई, ताकि संबंधित लोग स्वेच्छा से इसे हटा लें।

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो प्रशासन ने बुलडोजर से इसे गिराने का फैसला किया।

  • मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव और आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर पीएसी (PAC), तीन सीओ और कई थानों की पुलिस मुस्तैद रही।

  • ध्वस्तीकरण: एसडीएम सदर मोहित के नेतृत्व में दो बुलडोजरों ने कार्रवाई शुरू की। करीब तीन घंटे तक चले इस कड़े अभियान के दौरान पूरे ढांचे को जमींदोज कर दिया गया।

 

“चतुरी नगला में ग्राम समाज की भूमि पर बने निर्माण को तहसीलदार न्यायालय ने अवैध घोषित किया था। न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ही नियमानुसार यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई गई है।” — मोहित, एसडीएम सदर, बदायूं

नोट: देशभर की राजनीति, प्रशासनिक कार्रवाइयों और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।