छत्तीसगढ़ / सक्ती: वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 11 मजदूरों की मौत, 40 झुलसे
सक्ती में बड़ा औद्योगिक हादसा: वेदांता पावर प्लांट का बॉयलर फटा, 11 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 30 से ज्यादा झुलसे; CM साय ने दिए जांच के आदेश
सक्ती (छत्तीसगढ़): द पॉलिटिक्स अगेन : कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक बेहद दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant) में मंगलवार दोपहर बॉयलर फटने से एक भीषण विस्फोट हुआ।
इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 11 मजदूरों की जान चली गई है, जबकि 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पतालों में वेंटिलेटर फुल, मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
जानकारी के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 2 बजे के आसपास हुआ जब प्लांट में नियमित कार्य चल रहा था। हादसे के तुरंत बाद घायलों को रायगढ़ के जिंदल अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, जिंदल अस्पताल में 18 गंभीर घायलों को लाया गया था, जिनमें से 6 मजदूरों ने दम तोड़ दिया। वहीं, 4 मजदूरों की मौत सक्ती में ही हो गई थी। कुल मिलाकर अब तक 10 से 11 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। 12 से अधिक घायलों का इलाज जिंदल अस्पताल में जारी है।
झुलसे हुए लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि अस्पताल के वेंटिलेटर फुल हो चुके हैं, जिसके कारण कई अन्य घायलों को आसपास के दूसरे अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
सीएम विष्णु देव साय ने जताया दुख, दिए जांच के निर्देश
इस भीषण दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए जिला प्रशासन को राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार मुहैया कराने और घटना की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया।
उन्होंने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और घायलों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था करने की अपील की है।
सरकार सख्त: बनेगी SIT, श्रम कानूनों के तहत होगी कार्रवाई
हादसे के बाद छत्तीसगढ़ सरकार एक्शन मोड में आ गई है। राज्य के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने घटना की तत्काल जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि प्लांट प्रबंधन, ठेकेदार या सुरक्षा मानकों में जिसकी भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को निर्धारित मुआवजा और घायलों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
वेदांता प्रबंधन का बयान: सब-कॉन्ट्रैक्टर के कर्मचारी हुए प्रभावित
इस हृदयविदारक घटना पर वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने बताया कि बॉयलर यूनिट में हुए इस हादसे में प्रभावित होने वाले मजदूर मुख्य रूप से सब-कॉन्ट्रैक्टर ‘एनजीएसएल’ (NGSL) के कर्मचारी हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “हमारी प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। हम स्थानीय प्रशासन के साथ पूरा समन्वय कर रहे हैं और घटना के कारणों की विस्तृत आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। कंपनी प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।”
फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें मौजूद हैं।










