नोएडा प्रदर्शन का दूसरा दिन: 350 से ज्यादा गिरफ्तार, पुलिस से झड़प के बीच सरकार ने मानी मांगें
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन: पुलिस से झड़प और पथराव, 350 से ज्यादा गिरफ्तार; सरकार ने मानीं मांगें
नोएडा: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) और फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहा श्रमिक आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा।
मंगलवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और पथराव हुआ।
हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, प्रशासन का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और श्रमिकों की प्रमुख मांगों को मान लिया गया है।
फेज 2 और कासना में भड़की हिंसा, पुलिस से हाथापाई
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 (सेक्टर 80) में मंगलवार सुबह नौ बजे प्रदर्शनकारी फिर से जमा हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरु अमरदास इंटरनेशनल कंपनी के पास उग्र भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
वहीं, ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित यूआईएल (UIL) कंपनी में भी श्रमिकों और पुलिस के बीच भारी हाथापाई हुई, जिसमें कई श्रमिकों के घायल होने की खबर है।
पड़ोसी राज्य हरियाणा के फरीदाबाद (सेक्टर 37) में भी स्थित मदरसन कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे कई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
घरेलू सहायिकाओं ने भी खोला मोर्चा
औद्योगिक श्रमिकों के इस आंदोलन की आंच अब रिहायशी सोसायटियों तक भी पहुंच गई है। सेक्टर-121 स्थित ‘क्लियो काउंटी’ (Cleo County) सोसाइटी में घरेलू सहायिकाओं (Domestic Helpers) ने भी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर भारी प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ गया कि सोसाइटी प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी।
डीसीपी शैव्या गोयल ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का खंडन करते हुए कहा, “एक ही घटना को तीन अलग-अलग जगहों का बताया जा रहा है।
ये महिलाएं फैक्ट्रियों की श्रमिक नहीं हैं, बल्कि घरेलू काम करने वाली महिलाएं हैं जो वेतन बढ़ाने की मांग कर रही थीं। मौके पर शांति कायम है।”
उपद्रव और अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस का कड़ा एक्शन
पुलिस ने प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैलाने वालों पर कड़ा एक्शन लिया है:
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350+ गिरफ्तारियां: एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि अब तक 350 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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सोशल मीडिया पर नजर: नए व्हाट्सएप ग्रुप्स और ‘एक्स’ (X) के जरिए भ्रामक जानकारी और अफवाह फैलाने वालों पर केस दर्ज किए गए हैं।
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सीसीटीवी से पहचान: पुलिस के पास उपद्रवियों के डिजिटल सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर हाईवे जाम करने और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कार्रवाई हो रही है।
डीजीपी (उत्तर प्रदेश) राजीव कृष्ण ने आश्वस्त किया है कि नोएडा में अब स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और मुख्यमंत्री द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने सभी पक्षों से बातचीत कर स्थिति को सुलझा लिया है।
प्रशासन का बड़ा ऐलान: श्रमिकों की ये प्रमुख मांगें मानी गईं
औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार और नोएडा की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने जानकारी दी है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर श्रमिकों की प्रमुख मांगें मान ली गई हैं:
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वेतन बढ़ोतरी: श्रमिकों की न्यूनतम वेतन वृद्धि की मुख्य मांग को स्वीकार कर लिया गया है।
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समय पर वेतन: हर महीने की 10 तारीख से पहले श्रमिकों के बैंक खाते में वेतन भेजना अनिवार्य होगा।
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बोनस का भुगतान: हर साल नवंबर से पहले बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
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डबल ओवरटाइम: ओवरटाइम और साप्ताहिक छुट्टी के दिन काम करने पर अब ‘डबल वेतन’ दिया जाएगा।
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महिला सुरक्षा: हर औद्योगिक इकाई में ‘यौन उत्पीड़न शिकायत समिति’ का गठन होगा, जिसकी अध्यक्ष अनिवार्य रूप से कोई महिला ही होगी।
प्रशासन के इस ऐलान के बाद कई औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक वापस अपने काम पर लौटने लगे हैं। पुलिस प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।











