नोएडा प्रदर्शन: नए लेबर कोड में योगी सरकार ने कर्मचारियों को दिए हैं ये सख्त अधिकार
नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन: जानिए नए लेबर कोड में योगी सरकार ने मजदूरों को दिए हैं कौन-से अधिकार?
नोएडा: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
औद्योगिक शहर नोएडा में कई कंपनियों के बाहर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया।
पिछले तीन-चार दिनों से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे कर्मचारियों का गुस्सा इस कदर भड़क उठा कि कई जगहों पर पुलिस पर पथराव किया गया और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनके न्यूनतम वेतन को 13 हजार रुपये से बढ़ाया जाए और ओवरटाइम के नियमों में सुधार किया जाए।
सड़कों पर मचे इस बवाल के बीच यह जानना बेहद जरूरी है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आदेश और ‘नए लेबर कोड’ (New Labor Code) के तहत कंपनी मालिकों को अपने कर्मचारियों को क्या-क्या बुनियादी सुविधाएं और अधिकार देना अनिवार्य है। आइए, इन नियमों को विस्तार से समझते हैं:
ओवरटाइम पर मिलेगा दोगुना पैसा
नए नियमों के तहत कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। अब यदि कोई कर्मचारी अपने तय काम के घंटों के बाद ‘ओवरटाइम’ (Overtime) करता है, तो कंपनी को उसे उस अतिरिक्त समय के लिए दोगुना भुगतान करना होगा।
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उदाहरण : यदि किसी कर्मचारी की सामान्य एक घंटे की सैलरी 500 रुपये है, तो ओवरटाइम करने पर उसे 1000 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान करना अनिवार्य है।
रविवार को काम करने पर डबल सैलरी और अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश
कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं:
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यदि किसी आपात स्थिति या काम के दबाव में कर्मचारी को उसके साप्ताहिक अवकाश (जैसे रविवार) के दिन काम पर बुलाया जाता है, तो उसे उस दिन का डबल वेतन (दोगुना पैसा) देना होगा।
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हर कंपनी के लिए यह अनिवार्य है कि वह अपने कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन की छुट्टी जरूर दे, ताकि उनकी कार्य क्षमता और स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े।
हर महीने की 10 तारीख तक देनी होगी सैलरी
वेतन में देरी की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी है। अब कंपनी मालिकों को किसी भी हाल में हर महीने की 10 तारीख तक अपने कर्मचारियों के खातों में वेतन जमा करना होगा।
इसके साथ ही, कर्मचारियों को ‘सैलरी स्लिप’ (Salary Slip) देना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उन्हें पीएफ (PF) और वेतन से होने वाली अन्य कटौतियों की पारदर्शी जानकारी मिल सके।
खाते में सीधा आएगा बोनस, 30 नवंबर है डेडलाइन
त्योहारी सीजन में कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस को लेकर भी पारदर्शिता बढ़ाई गई है। अब कोई भी कंपनी बोनस नकद (Cash) में नहीं दे सकेगी।
दिवाली और अन्य त्योहारों का बोनस सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा। साथ ही, इस बोनस के भुगतान की अंतिम समय सीमा 30 नवंबर तय कर दी गई है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘आंतरिक शिकायत समिति’ अनिवार्य
कार्यस्थलों पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं:
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हर कंपनी को अपने यहां एक ‘आंतरिक शिकायत समिति’ (Internal Complaints Committee – ICC) बनानी होगी। सबसे अहम बात यह है कि इस समिति की अध्यक्षता कोई महिला ही करेगी।
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सभी दफ्तरों और फैक्ट्रियों में एक ‘शिकायत पेटी’ (Complaint Box) का होना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
समस्या होने पर कर्मचारी कहां करें शिकायत?
अगर कोई कंपनी प्रबंधन इन नियमों का उल्लंघन करता है या कर्मचारियों को परेशान करता है, तो प्रशासन ने इसके लिए त्वरित समाधान की व्यवस्था की है।
स्थानीय प्रशासन ने एक विशेष ‘हेल्पलाइन नंबर’ जारी कर एक डेडिकेटेड ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किया है।
किसी भी प्रकार के शोषण या नियम उल्लंघन की स्थिति में कर्मचारी इस हेल्पलाइन पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।










