Breaking News

पश्चिम बंगाल : बैरकपुर में ‘SIR’ के खौफ से महिला ने किया आत्मदाह !

“बैरकपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 8, केजी स्कूल रोड स्थित मनसा मंदिर इलाके में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। दो बच्चों की माँ काकोली सरकार (33 वर्ष) ने अपने घर के दूसरे तल पर खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली”

टीटागढ़ 01 / 11 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

गंभीर रूप से झुलसी काकोली को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना स्थानीय लोगों और पूरे क्षेत्र के लिए सदमे का कारण बन गई है।

NRC/SIR का डर बना मौत का कारण

मृतका के ससुराल पक्ष का आरोप है कि काकोली ने ‘SIR’के डर से यह कदम उठाया। काकोली की सास श्यामली सरकार ने मीडिया को बताया कि लगभग 15 साल पहले काकोली की शादी उनके बेटे सब्ज सरकार से हुई थी।

काकोली मूल रूप से बांग्लादेश के नवाबगंज, ढाका की रहने वाली थीं। श्यामली सरकार का कहना है कि जब से SIR और NRC से जुड़ी खबरें आनी शुरू हुईं, तब से काकोली अत्यधिक तनाव में थी। पूरा परिवार इस आशंका में जी रहा था कि कहीं उन्हें वापस बांग्लादेश न लौटना पड़े।

पति से बार-बार कर रही थी बांग्लादेश ले जाने की ज़िद

ससुराल वालों के अनुसार, काकोली लगातार अपने पति सब्ज सरकार से उन्हें वापस बांग्लादेश ले जाने की जिद कर रही थीं। पति सब्ज उन्हें समझा रहे थे और स्थिति सामान्य होने तक इंतजार करने को कह रहे थे। कथित तौर पर, गुरुवार रात पति-पत्नी के बीच इसी बात को लेकर बहस हुई, जिसके बाद काकोली ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

पुलिस को मिला नोट: ‘कोई जिम्मेदार नहीं’

बैरकपुर के डीसी सेंट्रल इंद्रबदन झा ने बताया कि सूचना मिलते ही टीटागढ़ थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। घटनास्थल की तलाशी के दौरान, एक नोट बरामद हुआ, जो प्रथम दृष्टया मृतका काकोली सरकार द्वारा लिखा गया प्रतीत होता है। इस नोट में साफ तौर पर लिखा था कि “मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।”

इस मामले में, पुलिस ने मृतक के पति सब्ज सरकार, ससुर सुरेश सरकार, और देवर (या भासुर) शांति सरकार को हिरासत में लिया है और गहन पूछताछ कर रही है। टीटागढ़ पुलिस स्टेशन में अनैच्छिक मृत्यु (UD) मामला संख्या 178/2025 दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।

चेयरमैन ने चिंता जताई

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बैरकपुर नगरपालिका के चेयरमैन उत्तम दास ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि SIR के कारण लोग डरे हुए हैं और उन्होंने प्रशासन से इस मामले की पूरी जाँच कर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। यह दुखद घटना दर्शाती है कि नागरिकता संबंधी अनिश्चितता ने किस हद तक लोगों में भय और मानसिक तनाव पैदा कर दिया है।

Santosh SETH

Recent Posts

चावल की महंगाई पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 4 बड़े फैसले

चावल की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का बड़ा 'एक्शन': व्यापारियों के लिए…

3 hours ago

कैंसर की 137 दवाएं 70% तक सस्ती, मरीजों को 3357 करोड़ की बचत

कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत: 137 जीवनरक्षक दवाएं हुईं 70% तक सस्ती, सरकार…

3 hours ago

जौनपुर: दिशा समिति की बैठक में किये गए पांच बड़े फैसले

जौनपुर 'दिशा' समिति की बैठक: विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा…

4 hours ago

जौनपुर: किसानों की आय बढ़ाने की पहल, 200 कृषकों को बंटे मुफ्त प्याज बीज

जौनपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: उद्यान विभाग ने 200 कृषकों को बांटे 'मुफ्त प्याज…

4 hours ago

जौनपुर: रोजगार मेले में जनपद के 589 युवाओं को मिला रोजगार

जौनपुर रोजगार मेला: युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, 22 कंपनियों ने 589 अभ्यर्थियों को…

4 hours ago

दिवाली: खुशियों का पर्व या प्रदूषण का संकट? पर्यावरण बनाम राजनीति का द्वंद्व

प्रकाश का पर्व या सांसों का संकट? दिवाली पर प्रदूषण और उस पर होती 'सियासत'…

4 hours ago