US-ईरान युद्ध का खतरा: PM मोदी फिर बोले- सोना न खरीदें, अपनाएं WFH
अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट! PM मोदी की 24 घंटे में दूसरी बड़ी अपील- ‘सोना न खरीदें, पेट्रोल बचाएं और Work From Home अपनाएं’
वडोदरा/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। इस आसन्न वैश्विक संकट का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है।
इसी खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देश की जनता से आदतों में बदलाव लाने की सख्त अपील की है।
गुजरात के वडोदरा और इससे पहले हैदराबाद में जनसभाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सोना न खरीदने और खाद्य तेल व फर्टिलाइजर का इस्तेमाल कम करने का आग्रह किया है।
उन्होंने मौजूदा हालात से निपटने के लिए एक बार फिर ‘कोरोनाकाल’ वाले उपायों (जैसे- वर्क फ्रॉम होम) को अमल में लाने की सलाह दी है।
पश्चिम एशिया संकट: क्यों बन रहे हैं युद्ध के हालात?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकरा कर भीषण हमले की चेतावनी दी है।
वहीं, इजरायल ने भी ईरान पर प्रहार करने के संकेत दिए हैं। यदि पश्चिमी एशिया में युद्ध छिड़ता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे:
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सप्लाई चेन होगी बाधित: दुनिया के सबसे अहम ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही रुक जाएगी।
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महंगाई का खतरा: गैस की आपूर्ति प्रभावित होगी और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिसका सीधा असर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ेगा।
कोरोनाकाल से की मौजूदा हालात की तुलना
वडोदरा में पीएम मोदी ने इस संकट को इस दशक का सबसे भीषण संकट करार दिया। उन्होंने कहा, “जब भी भारत ने युद्ध या किसी बड़े संकट का सामना किया है, नागरिकों ने सरकार की अपील पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। जिस प्रकार हमने कोविड-19 महामारी पर विजय प्राप्त की, उसी प्रकार हम इस आर्थिक और वैश्विक संकट से भी उबर जाएंगे।”
पीएम ने कोरोनाकाल की तरह ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home), ऑनलाइन क्लास और वर्चुअल मीटिंग्स को दोबारा अपनाने पर जोर दिया है ताकि ईंधन की खपत को कम किया जा सके।
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए PM मोदी के 4 बड़े मंत्र:
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ईंधन की बचत: पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें। निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) या इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का अधिक उपयोग करें।
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सोना न खरीदें: विदेशी मुद्रा के बाहर जाने से रोकने के लिए पीएम ने देशवासियों से फिलहाल सोने (Gold) की खरीदारी टालने का आग्रह किया है।
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खाद्य तेल का उपयोग घटाएं: भारत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.85 लाख करोड़ रुपये का खाद्य तेल आयात किया था। पीएम ने कहा कि हर परिवार यदि थोड़ी भी खपत कम करे, तो देश का बहुमूल्य विदेशी मुद्रा भंडार बचेगा।
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फर्टिलाइजर का इस्तेमाल आधा करें: किसानों से अपील की गई है कि वे रासायनिक खाद (Fertilizer) का इस्तेमाल 50 फीसदी तक कम कर दें। इससे न सिर्फ आयात घटेगा, बल्कि अनाज की गुणवत्ता और मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक प्रमुख भागीदार बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन इस संकट की घड़ी में हर नागरिक का सहयोग अनिवार्य है।











