Iran Naval Drill Warning

US-Iran Tension: अमेरिका ने भेजा अपना ‘सबसे बड़ा जंगी बेड़ा’, तो ईरान ने होर्मुज में तोपें कीं तैनात; क्या विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया?

“समंदर में आमने-सामने महाशक्तियां। अमेरिकी CENTCOM की चेतावनी- ‘ऊपर से विमान उड़ाए तो खैर नहीं’। ईरान बोला- यह हमारा इलाका है, हम किसी से नहीं डरते”

[वाशिंगटन/तेहरान] — The Politics Again वर्ल्ड डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम एशिया में बारूद की गंध एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी करने के लिए अब तक का अपना ‘सबसे बड़ा नौसैनिक बेड़ा’ (Largest Naval Fleet) क्षेत्र में भेज दिया है।

जवाब में ईरान ने भी अपनी ताकत दिखाते हुए दुनिया की तेल की नब्ज कहे जाने वाले ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में दो दिवसीय नौसैनिक अभ्यास (War Games) शुरू कर दिया है।

समंदर में ‘टकराव’ का डर: अमेरिका की चेतावनी

ईरान के युद्धाभ्यास को देखते हुए अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने सख्त चेतावनी जारी की है।

  • रेड लाइन: अमेरिका ने साफ कहा है कि वह अपने युद्धपोतों के ऊपर से ईरानी विमानों की उड़ान या स्पीडबोट्स के खतरनाक रूप से करीब आने को बर्दाश्त नहीं करेगा।

  • खतरा: होर्मुज का रास्ता बहुत संकरा है, ऐसे में अगर एक भी गलती हुई तो दोनों सेनाएं सीधे भिड़ सकती हैं।

ईरान का दावा: ’12 दिन के युद्ध’ ने हमें मजबूत बनाया

ईरान बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं है। ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने दावा किया है कि हाल ही में हुए ’12-दिवसीय युद्ध’ (काल्पनिक/संदर्भित घटना) ने उनकी सेना को पहले से ज्यादा खतरनाक बना दिया है।

  • हातमी का बयान: “हमने अपनी कमजोरियां सुधार ली हैं। आज हमारी मिसाइल प्रणाली और हवाई रक्षा (Air Defense) पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। यह अनुभव भविष्य के किसी भी हमले का जवाब देने में काम आएगा।”

कूटनीति के दरवाजे बंद?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश ‘निष्पक्ष बातचीत’ के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) की मुख्य मांगों को सिरे से खारिज कर दिया।

  • दो टूक: अराघची ने साफ कर दिया कि “हमारी मिसाइल प्रणाली और रक्षा रणनीति पर कोई समझौता या बातचीत नहीं होगी।”

होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की सांसें क्यों अटकीं?

यह तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को डुबो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।

  • अहमियत: दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस के लिए इसी रास्ते पर निर्भर है। इसका कोई वैकल्पिक मार्ग (Alternative Route) नहीं है।

  • डर: अगर युद्ध हुआ और ईरान ने यह रास्ता बंद कर दिया, तो तेल की कीमतें आसमान छू जाएंगी और कई देशों में हाहाकार मच जाएगा।

ईरान की धमकी: ‘पूरी ताकत से देंगे जवाब’

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली शमखानी ने अमेरिका को ललकारते हुए कहा, “फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों की भीड़ का मतलब यह नहीं कि जीत उनकी होगी। यह हमारा इलाका है, हम यहाँ की लहरों को उनसे बेहतर जानते हैं। किसी भी गलती का जवाब ‘खौफनाक’ होगा।”

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