श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट, राजस्थान पुलिस, एटीएस और एनआईए जांच, आतंकी साजिश की आशंका।

श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: NIA से लेकर ATS तक कर रही जांच

श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: क्या किसी बड़े हमले का ‘ट्रायल’ था? ISI, ड्रोन और RDX कनेक्शन खंगाल रहीं NIA-ATS समेत 6 एजेंसियां”

The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ 

राजस्थान के श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर हुए रहस्यमयी विस्फोट ने देश की तमाम बड़ी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

यह घटना सिर्फ रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं लग रही है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी आतंकी साजिश, स्लीपर सेल के एक्टिवेशन या किसी बड़े हमले के ‘ट्रायल ब्लास्ट’ (Trial Blast) की आशंका गहरी हो गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान ATS, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), मिलिट्री इंटेलिजेंस, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और पंजाब पुलिस पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुट गई हैं।

ब्लास्ट का तरीका बना एजेंसियों के लिए पहेली

शुरुआती जांच में घटनास्थल (रेलवे ट्रैक) से विस्फोट के बाद मिलने वाले पारंपरिक साक्ष्य— जैसे गनपाउडर, केमिकल, तार, डेटोनेटर या कीलें नहीं मिली हैं।

ऐसे में जांच एजेंसियां हैरान हैं कि विस्फोट किस सामग्री और किस तकनीक से किया गया। हैरानी की बात यह भी है कि जिस समय (रात के वक्त) यह धमाका हुआ, उस वक्त ट्रैक से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी।

आखिरी ट्रेन धमाके से 40 मिनट पहले गुजरी थी और अगली ट्रेन सुबह आनी थी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या इसका मकसद सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराना या रेलवे सुरक्षा को परखना (Trial Blast) था?

ISI, शहजाद भट्टी और खुरासान मॉड्यूल का एंगल

जांच एजेंसियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तान से ही संचालित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ के पुराने मॉड्यूल्स की जांच कर रही हैं।

इससे पहले भी इस नेटवर्क पर भारत में रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा, आतंकी फरतुल्लाह गौरी की धमकियां और पिछले साल मध्य प्रदेश-यूपी में पकड़े गए ‘खुरासान मॉड्यूल’ (Khurasan Module) के नेटवर्क से भी इस घटना के तार जोड़े जा रहे हैं।

ड्रोन से आए RDX और हथियारों की खेप पर नजर

सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों को हिरासत में लिया है, जिनके तार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों और ड्रग्स की तस्करी करने वाले नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

पंजाब पुलिस द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए कुलवंत सिंह से पूछताछ में सामने आया है कि अक्टूबर महीने में श्रीगंगानगर में ड्रोन के जरिए RDX और तुर्किये निर्मित ‘जिगाना पिस्टल’ की खेप पहुंची थी।

एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या रेलवे ट्रैक पर उसी RDX या विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था?

जांच एजेंसियों के सामने 6 बड़े सवाल

इस हाई-प्रोफाइल मामले में सुरक्षा एजेंसियां 6 प्रमुख सवालों के जवाब तलाश रही हैं:

  1. ब्लास्ट का असली मकसद क्या था? ट्रैक को नुकसान पहुंचाना या ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त करना?

  2. क्या यह किसी बड़े आतंकी हमले का ‘ट्रायल ब्लास्ट’ था?

  3. क्या किसी नए ‘स्लीपर सेल’ (Sleeper Cell) को यह टास्क दिया गया था?

  4. क्या इसमें पाकिस्तान के ISI और शहजाद भट्टी नेटवर्क का हाथ है?

  5. क्या ड्रोन से आए RDX का इस्तेमाल इसी धमाके में किया गया?

  6. क्या पंजाब-राजस्थान बॉर्डर पर सेना या अर्धसैनिक बलों के काफिले को निशाना बनाने की बड़ी साजिश रची जा रही है?

फिलहाल स्थानीय पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम, रेलवे अधिनियम और बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही इस गहरी साजिश से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।

श्रीगंगानगर रेलवे ब्लास्ट: क्या हैं साजिश के संभावित एंगल?

संभावित एंगल / कनेक्शन (Suspected Angles)

मुख्य विवरण (Key Details)

ट्रायल ब्लास्ट (Trial Blast)

धमाके के समय कोई ट्रेन नहीं थी। आशंका है कि यह बड़े हमले से पहले क्षमता परखने का ‘ट्रायल’ था।

शामिल जांच एजेंसियां

NIA, IB, राजस्थान ATS, मिलिट्री इंटेलिजेंस, दिल्ली स्पेशल सेल और पंजाब पुलिस।

ISI और भट्टी नेटवर्क

पाकिस्तान से संचालित ‘शहजाद भट्टी’ नेटवर्क द्वारा रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश का अंदेशा।

ड्रोन और RDX कनेक्शन

अक्टूबर में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए श्रीगंगानगर में RDX और पिस्टल आने की खुफिया रिपोर्ट।

खुरासान मॉड्यूल (Khurasan)

पिछले साल एमपी-यूपी में पकड़े गए रेलवे ट्रैक उड़ाने वाले स्लीपर सेल से कनेक्शन की जांच।

घटनास्थल की पहेली

मौके से डेटोनेटर, कील, तार या केमिकल का न मिलना जांच एजेंसियों के लिए रहस्य बना हुआ है।

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