US DNI तुलसी गब्बर्ड : पाकिस्तान-चीन के हथियार बढ़ा रहे मुश्किल
अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (DNI) तुलसी गब्बर्ड ने पाकिस्तान और चीन के परमाणु हथियारों को अमेरिका के लिए एक बड़ा और वास्तविक खतरा बताया है “
नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
उन्होंने एक गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि 2035 तक अमेरिकी मुख्यभूमि पर परमाणु हमलों का खतरा दस गुना बढ़ सकता है।
यह रिपोर्ट अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी के सालाना वर्ल्डवाइड थ्रेट असेसमेंट का हिस्सा है, जिसमें चीन को सबसे बड़ा सामरिक प्रतिद्वंद्वी बताया गया है।
सीनेट इंटेलिजेंस कमिटी में गब्बर्ड का बयान
गाबर्ड की यह चेतावनी सीनेट इंटेलिजेंस कमिटी की एक बैठक के दौरान आई। उन्होंने विस्तार से बताया कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश विभिन्न प्रकार के न्यूक्लियर वेपन विकसित कर रहे हैं, जिनकी पहुंच अमेरिका तक है।
गाबर्ड ने कहा, “पाकिस्तान और चीन ऐसे उन्नत डिलीवरी सिस्टम बना रहे हैं, जिनमें न्यूक्लियर और कन्वेंशनल दोनों पेलोड हैं। ये सिस्टम हमारे देश को सीधे अपने रेंज में ला रहे हैं।”
मिसाइल डिफेंस को भेदने वाले आधुनिक हथियार
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, चीन और रूस उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइलों, उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य आधुनिक हथियारों पर काम कर रहे हैं।
ये हथियार अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जैसे पैट्रियट और THAAD) को भेदने या बायपास करने में सक्षम हो सकते हैं।
गाबर्ड ने जोर दिया कि परमाणु हथियारों का यह विकास न केवल अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि पूरी दुनिया को अस्थिर कर सकता है।
कूटनीतिक प्रयास भी हों तेज
ईरान से जारी युद्ध के बीच यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है। गाबर्ड ने सीनेटर्स से अपील की कि अमेरिका को अपनी डिफेंस क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयास भी तेज करने चाहिए।











