UP MLC चुनाव: सपा को मिली 5 सीटें; अखिलेश बोले- डबल इंजन की हार
UP MLC चुनाव नतीजे: BJP ने जीतीं 6 तो SP ने 5 सीटें; अखिलेश यादव गदगद, बोले- ‘ये डबल इंजन की डबल हार’
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद (MLC) सीटों के अंतिम परिणाम सामने आ गए हैं। इस चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना दबदबा कायम रखते हुए 11 में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की है,
जबकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर कब्जा जमाया है।
इस चुनाव में जहां बीजेपी अपनी 6 सीटें बरकरार रखने में सफल रही, वहीं समाजवादी पार्टी को 2 सीटों का बड़ा फायदा हुआ है।
सपा ने वाराणसी और लखनऊ जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर भी जीत हासिल की है। इन नतीजों से उत्साहित सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर करारा सियासी हमला बोला है।
प्रिय मतदाताओं, भाजपा एक ‘फ़्लॉप शो’ बन गई है। भाजपा वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे, मतलब दो बार मतगणना हुई और दोनों बार भाजपा और उनके संगी-साथी हारे। ये डबल इंजन की डबल हार है। विधान परिषद के चुनावों में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले उ.प्र. विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है। ये एक तरफ़ भाजपा की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ़ पढ़े-लिखे ‘बेरोज़गार स्नातकों’ ने भी अपना फ़ैसला सुना दिया है। भाजपा ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं। पीडीए का जनाधार अब 95% हो गया है, क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’! इससे भाजपा में अस्तित्व का संकट शुरू हो गया है, क्योंकि भाजपा के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें भाजपा जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं। भाजपा की अंदरूनी फूट से डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई है। इसीलिए भाजपाई प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत पूरी तरह हार गए हैं। जो भाजपा अब तक प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, वो अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूँढ़ रही है, पर कहीं कोई नज़र नहीं आ रहा है। भाजपा की टिकट की खिड़की खाली है। इस उत्साहवर्धक जीत के लिए उ.प्र. के परम आदरणीय शिक्षकगण व अपने भविष्य के लिए चिंतित युवाओं का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे ‘पीडीए प्रहरियों’ के साथ यथासंभव निगरानी भी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे। हम अपने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हैं और उनको भी, जिनको चालबाज़ी-जालसाज़ी से हराया गया। दरअसल हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो भाजपाई हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया। हम उनका भी बराबर अभिनंदन करते हैं। हमारे लिए वे सब भी बिना सर्टिफ़िकेट के विजेता हैं। यही सजगता और एकजुटता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए ‘निर्णायक नींव’ बनेगी। पुनः सभी मतदाताओं को कोटि-कोटि हार्दिक धन्यवाद! आपका अखिलेश
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 29, 2026
11 सीटों का फाइनल रिपोर्ट कार्ड: क्या खोया, क्या पाया?
यूपी की सभी 11 एमएलसी सीटों के फाइनल नतीजों के अनुसार, बीजेपी को कुल 6 और सपा को 5 सीटें मिली हैं।
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बीजेपी को कोई नुकसान नहीं: पिछली बार भी बीजेपी के पास 6 सीटें थीं और इस बार भी उसने 6 सीटें जीती हैं।
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गोरखपुर शिक्षक सीट जो पिछली बार निर्दलीय के पास थी, उस पर इस बार बीजेपी ने कब्जा कर लिया है।
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सपा को 2 सीटों का फायदा: पिछले चुनाव में दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार कोई भी निर्दलीय कामयाब नहीं हो सका।
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पिछले चुनाव में लखनऊ स्नातक सीट बीजेपी ने जीती थी, जिसे इस बार सपा ने छीन लिया है। इसी तरह आगरा शिक्षक सीट भी इस बार निर्दलीय के बजाय सपा के खाते में गई है।
अखिलेश यादव इस बात से सबसे ज्यादा खुश हैं कि सपा ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक और स्नातक दोनों सीटें बचा ली हैं।
अखिलेश यादव का तंज- “ये डबल इंजन की डबल हार है”
सपा की इस बढ़त से उत्साहित अखिलेश यादव ने एक्स (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “प्रिय मतदाताओं, भाजपा एक ‘फ्लॉप शो’ बन गई है। भाजपा वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे।
यह डबल इंजन की डबल हार है। विधान परिषद के चुनावों में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है।”
‘PDA का जनाधार अब 95% हो गया’
अखिलेश यादव ने अपनी पीडीए (PDA – पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति का जिक्र करते हुए कहा, “भाजपा ने हर समाज को जिस तरह पीड़ित और अपमानित किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं।
पीडीए का जनाधार अब 95% हो गया है। भाजपा के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें भाजपा जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं।”
“हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है”
सपा अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा, “इस उत्साहवर्धक जीत के लिए शिक्षकगण और युवाओं का हृदय से आभार।
उन्होंने न केवल वोट दिया, बल्कि ‘पीडीए प्रहरियों’ के साथ प्रमाण पत्र मिलने तक निगरानी भी रखी। हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो भाजपाई हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया। हमारे लिए वे भी बिना सर्टिफिकेट के विजेता हैं।”
यूपी एमएलसी चुनाव 2026: 11 सीटों का पूरा रिजल्ट
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सीट का नाम (Constituency) |
विजेता पार्टी (Winning Party) |
पिछले विजेता से तुलना (Change) |
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मेरठ (टीचर) |
बीजेपी (BJP) |
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बरेली-मुरादाबाद (टीचर) |
बीजेपी (BJP) |
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लखनऊ (टीचर) |
बीजेपी (BJP) |
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गोरखपुर-फैजाबाद (टीचर) |
बीजेपी (BJP) |
(पिछली बार निर्दलीय जीते थे) |
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आगरा (ग्रेजुएट) |
बीजेपी (BJP) |
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मेरठ (ग्रेजुएट) |
बीजेपी (BJP) |
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वाराणसी (टीचर) |
सपा (SP) |
(सपा ने अपनी सीट बचाई) |
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वाराणसी (ग्रेजुएट) |
सपा (SP) |
(सपा ने अपनी सीट बचाई) |
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आगरा (टीचर) |
सपा (SP) |
(पिछली बार निर्दलीय जीते थे) |
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लखनऊ (ग्रेजुएट) |
सपा (SP) |
(बीजेपी से छीनी) |
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प्रयागराज-झांसी (ग्रेजुएट) |
सपा (SP) |
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(कुल 11 सीटें: बीजेपी-6, सपा-5 | सपा को 2 सीटों का फायदा)











