वाराणसी MLC चुनाव: सपा के लाल बिहारी यादव की बड़ी जीत, BJP को हराया
वाराणसी शिक्षक MLC चुनाव: सपा के लाल बिहारी यादव की बंपर जीत, BJP प्रत्याशी को 4898 मतों से चटाई धूल”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
उत्तर प्रदेश के वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी (MLC) चुनाव में समाजवादी पार्टी (SP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना कब्जा बरकरार रखा है।
सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 4898 मतों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी है।
जीत स्पष्ट होते ही सपा समर्थकों में जश्न का माहौल छा गया और लाल बिहारी यादव मतगणना स्थल पर जीत की माला पहने नजर आए।
इस बीच वाराणसी खंड स्नातक एमएलसी सीट पर मतपत्रों की गिनती का काम देर रात तक जारी रहा।
लगातार दूसरी बार जीत, बढ़ाया अपना मार्जिन
लाल बिहारी यादव के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपना पिछला रिकॉर्ड बेहतर किया है।
पिछले शिक्षक एमएलसी चुनाव में भी लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की थी, लेकिन तब उनकी जीत का अंतर केवल 960 मतों का था।
इस बार उन्होंने अपनी लोकप्रियता और पकड़ साबित करते हुए जीत का मार्जिन बढ़ाकर 4898 मत कर लिया है।
प्रथम अधिमान (First Preference) के मतों की गणना पूरी होने के बाद जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में कुल 22,943 वोट वैध पाए गए, जबकि 1,441 मतों को निरस्त कर दिया गया।
लाल बिहारी यादव को कुल 10,958 मत प्राप्त हुए, वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 मतों से संतोष करना पड़ा।
चक्रवार (Round-wise) मतगणना का हाल
मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी:
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पहला चक्र: लाल बिहारी यादव को 6,941 वोट और भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 3,005 वोट मिले।
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दूसरा चक्र: लाल बिहारी यादव को 4,017 वोट और प्रमोद मिश्रा को 3,055 वोट प्राप्त हुए। दोनों चक्रों के वैध मतों को मिलाने के बाद सपा प्रत्याशी की कुल बढ़त 4898 मतों की रही।
MLC चुनाव में कैसे गिने जाते हैं वोट? (वरीयता प्रणाली)
विधान परिषद चुनावों में सामान्य चुनावों की तरह एक ही वोट नहीं डाला जाता, बल्कि मतदाता अपनी पसंद के अनुसार उम्मीदवारों को 1, 2, 3 (वरीयता) के क्रम में वोट देते हैं।
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जीत का कोटा: सबसे पहले केवल पहली वरीयता (‘1’) के वैध वोटों की गिनती होती है। चुनाव जीतने के लिए एक निश्चित कोटा (कुल वैध मतों का आधा हिस्सा + 1) हासिल करना जरूरी होता है।
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दूसरी वरीयता की गिनती कब?: यदि पहली गिनती में किसी भी उम्मीदवार को निर्धारित कोटा नहीं मिल पाता है, तब दूसरी वरीयता के मत गिने जाते हैं।
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इस प्रक्रिया में पहली वरीयता में सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को रेस से बाहर कर दिया जाता है और उसके मतपत्रों पर दर्ज दूसरी पसंद के वोट अन्य उम्मीदवारों के खाते में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।
वाराणसी शिक्षक MLC चुनाव: प्रत्याशियों का रिपोर्ट कार्ड
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उम्मीदवार का नाम (Candidate) |
पार्टी (Party) |
प्राप्त मत (Votes Received) |
स्थिति (Status) |
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लाल बिहारी यादव |
समाजवादी पार्टी (SP) |
10,958 |
विजेता (4898 वोटों से जीत) |
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डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा |
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
6,060 |
उपविजेता (हारे) |
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डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह |
निर्दलीय / अन्य |
3,111 |
तीसरा स्थान |
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धर्मेंद्र कुमार यादव |
निर्दलीय / अन्य |
1,088 |
चौथा स्थान |
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सुधांशु शेखर त्रिपाठी |
निर्दलीय / अन्य |
533 |
– |
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चेतनारायण दुबे |
निर्दलीय / अन्य |
450 |
– |
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संजय राय निष्पक्ष |
निर्दलीय / अन्य |
301 |
– |
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अन्य प्रत्याशी (कुल 3) |
(डॉ. कपिल, अक्षय, देव नारायण) |
368 (संयुक्त) |
– |
(कुल वैध मत: 22,943 | निरस्त मत: 1,441)











