वाराणसी MLC चुनाव: मतगणना के दौरान पहड़िया मंडी में खूब मचा हंगामा
पहड़िया मंडी मतगणना स्थल पर भाजपा का भारी हंगामा: बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस से झड़प; 5वें राउंड की दोबारा गिनती पर अड़े थे मंत्री-विधायक”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
वाराणसी के पहड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल पर बुधवार को एमएलसी (MLC) चुनाव के नतीजों के बीच भारी बवाल देखने को मिला।
अपराह्न करीब 4 बजे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
उग्र कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी (SP) के प्रत्याशी ने बढ़त बना ली।
प्रेक्षक प्रांजल यादव और अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा चुनाव आयोग के प्रेक्षक (Observer) प्रांजल यादव पर फूट पड़ा।
कार्यकर्ताओं ने प्रेक्षक को बर्खास्त करने की मांग करते हुए उनके और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।
भाजपा का आरोप था कि पांचवें राउंड की मतगणना के दौरान उनके एजेंट वहां मौजूद नहीं थे, फिर भी बैलेट पेपर की गिनती कर ली गई।
इसी बात को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग से आपत्ति दर्ज कराई और 5वें राउंड की दोबारा मतगणना की मांग की।
5 घंटे तक धरने पर बैठे रहे यूपी के मंत्री, मेयर और विधायक
हंगामे और पुलिस से नोकझोंक के बाद भाजपा प्रत्याशी के साथ पार्टी कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए।
शाम 7 बजे के करीब प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी और विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह व धर्मेंद्र राय भी मतगणना स्थल पर पहुंच गए और धरने में शामिल हो गए।
यह धरना करीब 5 घंटे तक चला और रात 9 बजे जाकर समाप्त हुआ।
अधिकारी और मेयर के बयानों में विरोधाभास
वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि “पांचवें राउंड में मतगणना एजेंट नहीं थे, फिर भी बैलेट पेपर गिने गए।
हमारी मांग थी कि पांचवें राउंड की काउंटिंग नए सिरे से की जाए। इस पर प्रशासन के साथ सहमति बन गई है।”
हालांकि, चुनाव से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि नियमों के तहत पांचवें राउंड की मतगणना दोबारा नहीं होगी,
बल्कि आपत्तियों को देखते हुए केवल मतों का ‘रि-वेरीफिकेशन’ (Re-verification) कराया जा रहा है।
वाराणसी MLC मतगणना विवाद: 5 बड़ी बातें
|
घटनाक्रम / मुद्दा (Key Issue) |
मुख्य विवरण (Details) |
|
विवाद का स्थान और समय |
पहड़िया मंडी मतगणना स्थल, वाराणसी (बुधवार, शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक) |
|
हंगामे का मुख्य कारण |
5वें राउंड की मतगणना में भाजपा एजेंटों की अनुपस्थिति और धांधली का आरोप |
|
भाजपा की प्रमुख मांग |
5वें राउंड की मतपेटियों की दोबारा गिनती (Recounting) |
|
निशाने पर कौन? |
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और चुनाव आयोग के प्रेक्षक प्रांजल यादव (बर्खास्तगी की मांग) |
|
धरने में शामिल प्रमुख चेहरे |
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, मंत्री दयाशंकर मिश्र, मेयर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव |
|
प्रशासन का अंतिम निर्णय |
दोबारा मतगणना नहीं होगी, केवल ‘रि-वेरीफिकेशन’ कराया जा रहा है |











