भूटान में शितांफू ग्लेशियर झील फटी, बंगाल, असम में महा-बाढ़ का अलर्ट
भूटान में शितांफू ग्लेशियर झील फटी, खौफ में उत्तर बंगाल और असम: संकोश नदी का जलस्तर बढ़ा, गांव-गांव बज रहे सायरन”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
हिमालयी क्षेत्र से एक बड़ी और डराने वाली प्राकृतिक आपदा की खबर है। भूटान के लेमथांग में स्थित अति-संवेदनशील ‘शिंताफू ग्लेशियर झील’ (Shitangphu Glacier Lake) अचानक फट गई है।
इस झील के फटने से लाखों क्यूसेक पानी तेज बहाव के साथ मोफू नदी के रास्ते भारत (पश्चिम बंगाल और असम) की तरफ संकोश नदी में बढ़ रहा है।
पानी के इस भयंकर बहाव के चलते उत्तर बंगाल और असम के कई जिलों में विनाशकारी बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
उत्तर बंगाल में अलर्ट: गांव-गांव बज रहे सायरन
भूटान से आ रहे तेज पानी के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और दार्जिलिंग जिलों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
भारत-भूटान सीमा से सटे इलाकों और असम-बंगाल के गांवों में लोगों को सतर्क करने के लिए लगातार सायरन बजाए जा रहे हैं।
संकोश नदी, जो भूटान से भारत में प्रवेश करती है, उत्तरी पश्चिम बंगाल और असम के कई लोगों के जीवन का आधार है।
प्रशासन ने नदी के जलस्तर में अचानक हो रही बढ़ोतरी के कारण नदी किनारे बसी बस्तियों के लोगों से फौरन सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की है।
राहत और बचाव टीमें मुस्तैद, मंत्रियों ने की अपील
आपदा के खतरे को देखते हुए राज्य और केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। पश्चिम बंगाल के मंत्री निशिथ प्रमाणिक और वन मंत्री (कुमारग्राम विधायक) मनोज कुमार ओरांव ने लोगों से जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।
इसके अलावा दार्जिलिंग से बीजेपी सांसद राजू बिस्टा ने भी एक वीडियो जारी कर दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रभावित हो सकने वाले जिलों में डिजास्टर मैनेजमेंट, NDRF और SDRF की कई टीमें तैनात कर दी गई हैं।
भारत सरकार की विशेष एडवाइजरी
भारत सरकार ने एक विशेष एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ (Flash Flood) के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
एडवाइजरी में आशंका जताई गई थी कि झील फटने के 6-8 घंटे के भीतर पानी का बड़ा रेला भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है।
किन इलाकों में है सबसे ज्यादा खतरा?
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पश्चिम बंगाल: अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और कूचबिहार (विशेषकर तुफानगंज और बक्सीरहाट इलाके)।
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असम: धुबरी जिला और संकोश नदी व उसकी सहायक नदियों के कैचमेंट एरिया।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले (26 अगस्त को) नेपाल में भी अचानक आई भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हजारों बेघर हो गए थे। प्रशासन इस बार समय रहते सतर्कता बरत रहा है ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके।
शितांफू ग्लेशियर झील फटी: भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?
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मुख्य बिंदु (Key Points) |
विस्तृत जानकारी (Details) |
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आपदा का केंद्र |
शितांफू (Shitangphu) ग्लेशियर झील, लेमथांग (भूटान) |
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खतरे वाली नदियां |
मोफू नदी (भूटान) और संकोश नदी (भारत) |
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अलर्ट वाले जिले (बंगाल) |
अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और कूचबिहार |
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अलर्ट वाले जिले (असम) |
धुबरी जिला (संकोश नदी का कैचमेंट क्षेत्र) |
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प्रशासनिक कदम |
गांवों में सायरन बजाए गए, लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील। |
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बचाव बल की तैनाती |
कूचबिहार (तुफानगंज/बक्सीरहाट) में NDRF और SDRF की टीमें तैनात। |
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पानी पहुंचने का समय |
घटना के 6-8 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा पर। |











