Priyanka Gandhi Vadra and Akhilesh Yadav discussing political strategy for Uttar Pradesh Assembly elections.

यूपी: कांग्रेस ने तैयार की 150 सीटों की लिस्ट, अखिलेश का ‘जीत’ वाला फॉर्मूला

यूपी चुनाव 2027: कांग्रेस ने तैयार की 150+ सीटों की सूची, अखिलेश यादव ने रखा ‘विनेबिलिटी’ का फॉर्मूला; गठबंधन में फंसा पेंच”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर विपक्षी खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच गठबंधन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, लेकिन सीटों का बंटवारा दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बनता दिख रहा है।

जहां एक तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुद कमान संभालते हुए 150 से अधिक सीटों पर दावेदारी की रूपरेखा तैयार की है,

वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि सीटों का आवंटन केवल और केवल जीत की संभावना (Winnability) के आधार पर होगा।

प्रियंका गांधी की मैराथन बैठकें: 150+ सीटों की लिस्ट तैयार

कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन को दोबारा मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक:

  • शीर्ष नेताओं के साथ मंथन: प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।

  • मजबूत सीटों की पहचान: इस बैठक में उन विधानसभा क्षेत्रों का बारीकी से आकलन किया गया जहां कांग्रेस का संगठन सक्रिय है और पार्टी का आधार मजबूत माना जा रहा है।

  • 150 से ज्यादा सीटों पर नजर: पार्टी ने उन सीटों की एक प्राथमिक सूची फाइनल कर ली है, जिस पर वह हर हाल में चुनाव लड़ना चाहती है।

  • आगामी दिनों में सपा के साथ औपचारिक बातचीत के लिए कांग्रेस एक विशेष वार्ता समिति (Negotiation Team) का गठन कर सकती है।

प्रस्तावित फॉर्मूला: पहले लिस्ट का आदान-प्रदान, फिर टेबल टॉक

गठबंधन की रूपरेखा को लेकर दोनों दलों के बीच एक प्राथमिक सहमति बनी है:

  1. सीटों की अदला-बदली: दोनों पार्टियां पहले अपने-अपने प्रभाव वाली सीटों की सूची एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी।

  2. आमने-सामने बातचीत: इसके बाद दोनों दलों के शीर्ष नेता एक साथ बैठकर परस्पर दावों की समीक्षा करेंगे।

अखिलेश यादव का रुख: ‘दबदबा बनाम जमीनी ताकत’

हालांकि दोनों दल मिलकर भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देना चाहते हैं, लेकिन सीटों का बंटवारा आसान नहीं रहने वाला।

  • सपा का रुख: समाजवादी पार्टी राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते अपना स्वाभाविक दबदबा कायम रखना चाहती है।

  • जीत की संभावना ही आधार: अखिलेश यादव ने हाल ही में साफ किया है कि गठबंधन जरूर होगा, लेकिन फॉर्मूला बिल्कुल स्पष्ट है।

  • जिस सीट पर जिस दल या उम्मीदवार के जीतने की संभावना सबसे अधिक होगी, वह सीट उसी के खाते में जाएगी। सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए कमजोर सीटों पर दावेदारी स्वीकार नहीं की जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति के आधार पर अधिक से अधिक सीटें हासिल करना चाहेगी,

जबकि सपा 2024 के लोकसभा प्रदर्शन के बाद राज्य में ‘बड़े भाई’ की भूमिका से पीछे हटने को तैयार नहीं होगी।

📊 सपा-कांग्रेस गठबंधन व सीट शेयरिंग मंथन

प्रमुख बिंदु (Key Aspects)

विवरण / वर्तमान स्थिति (Details)

🤝 संभावित गठबंधन

समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस (INC)

📋 कांग्रेस की तैयारी

150 से अधिक संभावित सीटों की सूची तैयार; प्रियंका गांधी खुद कर रहीं निगरानी

👥 कांग्रेस के मुख्य रणनीतिकार

प्रियंका गांधी वाड्रा, यूपी प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष व इमरान मसूद

🎯 अखिलेश यादव का फॉर्मूला

‘विनेबिलिटी’ (जीतने की क्षमता)—जिस दल का प्रत्याशी मजबूत, सीट उसी की

⚖️ मुख्य टकराव का बिंदु

कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा सीटें चाहती है, जबकि सपा अपना क्षेत्रीय दबदबा बनाए रखना चाहती है

🔄 अगला कदम

दोनों दलों द्वारा सूचियों का आदान-प्रदान और संयुक्त वार्ता समिति की बैठक