PM Narendra Modi and President Droupadi Murmu attending grand Dussehra celebrations in Delhi

विजयादशमी की धूम: पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं

देश भर में विजयादशमी की धूम: पीएम मोदी बोले- ‘राम भारत की प्राण ऊर्जा’, राष्ट्रपति ने कहा- ‘यह धर्म और न्याय की विजय का उत्सव’

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का महापर्व ‘विजयादशमी’ पूरे देश में भारी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

पूरब से लेकर पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक, पटना, मुंबई, हिसार, चंडीगढ़, लखनऊ, अयोध्या, भोपाल और नागपुर जैसे तमाम शहरों में रावण दहन के भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए ।

 

राजधानी दिल्ली में भी दशहरे की खास धूम रही, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने द्वारका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी दिल्ली के दशहरा महोत्सव में शिरकत की।

इस बीच, आस्था का एक बड़ा सैलाब जम्मू के कटरा में भी देखने को मिला, जहां नवरात्रि के दौरान 4 लाख से ज्यादा भक्तों ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए।

“श्रीराम ने हमें अतुलनीय आदर्श दिए”: पीएम मोदी

पूर्वी दिल्ली में आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज भारत का कोना-कोना राममय है।

  • रामराज्य का संकल्प: पीएम मोदी ने कहा कि श्रीराम की उपासना केवल इसलिए नहीं है कि उन्होंने रावण का अंत किया, बल्कि इसलिए है क्योंकि उन्होंने सुशासन (रामराज्य) के अतुलनीय आदर्श दिए।

  • रामराज्य का अर्थ है ऐसा शासन जहां भेदभाव न हो, सभी को न्याय मिले और सत्ता का उद्देश्य जनकल्याण हो।

  • संकल्प और जनभागीदारी: चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “समुद्र सामने था, लंका दूर थी, लेकिन रामजी का संकल्प अडिग था।

  • उन्होंने जनता की सामूहिक शक्ति को जगाया और जनभागीदारी से असंभव को संभव बनाया। यही सफलता का मूलमंत्र है।”

  • इससे पहले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर भी पीएम ने देशवासियों के सुख, समृद्धि और सफलता की कामना की।

“उदात्त आदर्शों और समावेशी समाज का लें संकल्प”: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने द्वारका में आयोजित समारोह में शिरकत करते हुए विजयादशमी को धर्म और न्याय की विजय का उत्सव बताया।

उन्होंने कहा कि श्रीराम को धर्मपरायणता और नैतिक आचरण के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। राष्ट्रपति ने आह्वान किया कि इस अवसर पर हम अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने और एक समावेशी व विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें।

उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष का संदेश

विजयादशमी के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी देशवासियों को बधाई दी।

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह पर्व स्मरण कराता है कि अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य की ही होती है।

  • उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने उम्मीद जताई कि यह त्योहार समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे और ‘विविधता में एकता’ की भावना को और मजबूत करेगा।

📊 विजयादशमी 2026 (मुख्य संदेश)

प्रमुख व्यक्तित्व (Key Leaders)

कार्यक्रम स्थल / माध्यम

विजयादशमी पर मुख्य संदेश (Key Message)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पूर्वी दिल्ली रामलीला / ‘एक्स’ (X)

“राम भारत की प्राण ऊर्जा हैं। गरीब, वंचित की सेवा सर्वोपरि है; रामराज्य सुशासन का मानदंड है।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

द्वारका, दिल्ली

“यह अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है। विकसित भारत का संकल्प लें।”

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन

आधिकारिक संदेश

“त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय और भारत की ‘विविधता में एकता’ को दर्शाता है।”

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

‘एक्स’ (X) पोस्ट

“बुराई कितनी भी शक्तिशाली हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।”

भक्तों का उत्साह (वैष्णो देवी)

कटरा, जम्मू

नवरात्रि के दौरान 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए माता वैष्णो देवी के दर्शन।