यूपी : अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़ा अभियान, डिटेंशन सेंटर बनाएगी सरकार

“उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफिया पर एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन के साथ ही अब प्रदेश की योगी सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ भी एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें डिटेंशन सेंटर में भेजा जाएगा”

लखनऊ 10 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

योगी सरकार के इस कदम को घुसपैठियों को खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है। राज्य की आतंरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने का खाका तैयार कर लिया है।

🚧 यूपी सरकार का ‘घुसपैठियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक’ अभियान


1. अभियान के उद्देश्य

योगी सरकार इस कदम को ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति’ के तहत उठा रही है, जिसके दो मुख्य लक्ष्य हैं:

  • आंतरिक सुरक्षा: प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करना, अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाना।

  • योजनाओं का लाभ: यह सुनिश्चित करना कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल असली हकदारों और पात्र व्यक्तियों तक ही पहुँचे, क्योंकि घुसपैठियों के कारण अपात्र लोग भी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे।

2. घुसपैठियों की पहचान की कार्ययोजना

इस अभियान के तहत घुसपैठियों की पहचान और सत्यापन के लिए राज्य स्तर पर व्यापक कदम उठाए जाएंगे:

  • व्यापक अभियान: राज्य स्तर पर संदिग्ध व्यक्तियों के पहचान दस्तावेजों (जैसे आधार, वोटर आईडी) की गहन जांच।

  • आधुनिक तकनीक का उपयोग: दस्तावेजों को स्कैन कर जांच करना, पुराने रिकॉर्ड की जांच करना और बायोमेट्रिक प्रोफाइल (फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन) तैयार करना।

  • स्थानीय निकायों का निर्देश: 17 शहरी स्थानीय निकायों को अवैध प्रवासियों की विस्तृत सूची (Detailed List) तैयार कर आयुक्तों/आईजी को सौंपने का निर्देश।

  • जाली नेटवर्क पर कार्रवाई: फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना।

  • सीमावर्ती जिलों में निगरानी: नेपाल सीमा साझा करने वाले 7 जिलों में विशेष निगरानी रखना।

3. डिटेंशन सेंटर्स और सुरक्षा

घुसपैठियों की पहचान के बाद उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, जिसके लिए विशेष तैयारी की गई है:

  • केंद्रों का निर्माण:

    • हर जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाने का आदेश।

    • प्रत्येक संभाग में स्थायी केंद्र बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता 15,000 लोगों तक हो सकती है।

  • अभेद सुरक्षा व्यवस्था: इन केंद्रों की सुरक्षा अभेद बनाने के लिए तीन लेयर की सुरक्षा होगी, जिसमें शामिल हैं:

    • सीसीटीवी कंट्रोल रूम

    • फेस रिकग्निशन और थंब इम्प्रेशन

    • “अभेद्य” संरचना ताकि भागने की गुंजाइश न हो।

4. अंतिम चरण और प्रभाव

  • निर्वासन (Deportation): पहचान के बाद घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा और विदेशी अधिनियम 1946 के तहत देश से निर्वासित (Expelled) किया जाएगा।

  • सकारात्मक प्रभाव: सरकार का मानना है कि यह सख्त कदम प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सकारात्मक असर डालेगा, अपराधों की संख्या कम होगी, और जनता का विश्वास सरकार की कार्यप्रणाली पर बढ़ेगा।

  • मॉडल बनने की संभावना: योगी सरकार की यह योजना पूरे देश के लिए एक मॉडल (Model) बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे रोजगार देने से पहले पहचान सत्यापन करें और घुसपैठियों को लेकर अलर्ट रहें।