पश्चिम बंगाल में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा करते हुए विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी में है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ी हलचल: शुभेंदु सरकार अगले हफ्ते पेश कर सकती है UCC बिल, जानें क्या है पूरी तैयारी”
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद बड़ी और अहम खबर सामने आई है। राज्य में हाल ही में सत्ता पर काबिज हुई नवनिर्वाचित शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार अपने सबसे बड़े चुनावी वादे को अमलीजामा पहनाने जा रही है।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार अगले हफ्ते विधानसभा में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) विधेयक पेश करने की पूरी तैयारी में है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस ऐतिहासिक बिल को अगले सोमवार को राज्य विधानसभा के पटल पर रखा जा सकता है।
इसके लिए एक ‘विशेष सत्र’ (Special Session) बुलाए जाने की भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यह मुद्दा राजनीतिक हलकों में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है।
समान नागरिक संहिता (UCC) का मुख्य उद्देश्य देश या राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से ताल्लुक रखते हों। इस कानून के लागू होने से होने वाले प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
विवाह (Marriage) और तलाक (Divorce) के नियम सभी धर्मों के लोगों के लिए एक जैसे होंगे।
उत्तराधिकार (Inheritance) और संपत्ति के अधिकार में सभी को समानता मिलेगी।
गोद लेने (Adoption) की प्रक्रिया को सभी के लिए समान बनाया जाएगा।
गुजारा भत्ता (Alimony) से जुड़े मामलों को एक धर्मनिरपेक्ष कानून के दायरे में लाया जाएगा।
यदि शुभेंदु अधिकारी सरकार इस विधेयक को विधानसभा से सफलतापूर्वक पारित करा लेती है, तो आजादी के बाद पश्चिम बंगाल समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।
उत्तराखंड फरवरी 2024 में UCC कानून पारित करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
इसके बाद गुजरात और असम ने भी इस साल की शुरुआत में इसी तरह के कानून को पेश करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी संकेत दिए थे कि उनके प्रदेश में भी जल्द ही UCC लागू हो सकता है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान UCC लागू करना बीजेपी के सबसे प्रमुख कैंपेन मुद्दों में से एक था।
चुनाव के दौरान जब पार्टी ने अपना ‘संकल्प पत्र’ (घोषणापत्र) जारी किया था, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की जनता से स्पष्ट वादा किया था कि बीजेपी के सत्ता में आने के ठीक छह महीने के भीतर बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) पेश की जाएगी।
बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल पुराने मजबूत शासन को उखाड़ फेंका है।
बीजेपी ने 293 सीटों में से शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटें जीतीं। हाल ही में फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद यह आंकड़ा 208 तक पहुंच गया है।
वहीं, सत्ता पर काबिज रही टीएमसी इस चुनाव में महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई।
अब सत्ता की बागडोर पूरी तरह से अपने हाथों में लेने के बाद, शुभेंदु अधिकारी सरकार अपने इस सबसे बड़े वैचारिक और चुनावी वादे को कानूनी रूप देने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है।
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