सपा नेता शिवपाल यादव द्वारा आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बयान पर यूपी की सियासत गरमा गई है। सीएम योगी और ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार किया है।
यूपी चुनाव: ‘आजम खान बनेंगे गृह मंत्री’ वाले शिवपाल के बयान पर बवाल, CM योगी और ओपी राजभर ने सपा को घेरा”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव में भले ही अभी वक्त है, लेकिन सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के एक बयान ने यूपी की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
मित्र अखिलेश यादव जी!
ज़रा अपने चच्चू को सम्भालिए नहीं तो वो आपको कभी सत्ता में आने नहीं देंगे।
चाचा शिवपाल जी कह रहे हैं कि सपा की सरकार आने के बाद अपने लोगों के मुकदमे वापस ले लेंगे। आज़म ख़ान को गृह मंत्री बना देंगे। ग़ज़ब है महाराज।
शिवपाल जी पीडीए यानी ‘पीट देगा अहीर’…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) August 14, 2026
शिवपाल यादव ने दावा किया था कि सपा की सरकार बनने पर जेल में बंद आजम खान को प्रदेश का गृह मंत्री बनाया जाएगा।
इस बयान के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल यादव पर तीखा चौतरफा हमला बोल दिया है।
बुधवार को शिवपाल सिंह यादव रामपुर जेल पहुंचे थे, जहां उन्होंने पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान और उनके छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की।
इस मुलाकात के बाद शिवपाल, आजम खान के बड़े बेटे अदीब के साथ जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे। वहां मीडिया से बातचीत करते हुए शिवपाल ने बड़ा ऐलान किया कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो आजम खान को राज्य का गृह मंत्री बनाया जाएगा।
साथ ही उन्होंने सरकार आने पर अपने लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की बात भी कही।
शिवपाल के इस बयान पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर करारा तंज कसा।
राजभर ने लिखा, “मित्र अखिलेश यादव जी! ज़रा अपने चच्चू को सम्भालिए, नहीं तो वो आपको कभी सत्ता में आने नहीं देंगे। शिवपाल जी अपने लोगों को अपराध करने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं।”
राजभर ने कानूनी पेंच का हवाला देते हुए पूछा, “सज़ायाफ्ता आज़म ख़ान को गृह मंत्री बनाने का दावा किया जा रहा है। एक अपराधी चुनाव कैसे लड़ेगा? मंत्री कैसे बनेगा?”
राजभर ने शिवपाल यादव की तुलना ‘विभीषण’ से करते हुए कहा कि अखिलेश जी को विभीषण की कहानी पढ़नी चाहिए।
उन्होंने यहां तक अंदेशा जताया कि उनके दफ्तर में गुंडे भी शायद चाचा (शिवपाल) ने ही भिजवाए होंगे ताकि नाम अखिलेश का आए।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने शिवपाल के बयान का संदर्भ देते हुए सपा की मानसिकता पर तीखा प्रहार किया।
सीएम योगी ने कहा, “याद करिए, मोहम्मदाबाद के नवाब की प्रॉपर्टी बचाने के लिए कांग्रेसियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था, जबकि वह व्यक्ति मुस्लिम लीग का ट्रेज़रार था।
देश के विभाजन और आजादी के खिलाफ काम करने वाले व्यक्ति के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने वालों की सपा पैरोकार बन रही है और उन्हें गृह मंत्री बनाने का ख्वाब देख रही है।”
सीएम योगी ने सपा पर दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा, “इनकी सोच देखिए, ये जानते हैं कि सत्ता में नहीं आना है, लेकिन फिर भी ये दंगा करवाना चाहते हैं।
मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के दंगाइयों को तत्कालीन सीएम के आवास में लाकर सम्मानित किया जाता था, और आज ऐसे ही लोगों के समर्थन में दलीलें दी जा रही हैं।”
इस सियासी वार-पलटवार से यह साफ हो गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में कानून-व्यवस्था, तुष्टिकरण और आजम खान का मुद्दा एक बार फिर चुनावी केंद्र में रहने वाला है।
जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी: आपसे पूछे जाएंगे जाति और बैंक बैलेंस समेत कुल 40…
स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में दहशत: हाई कोर्ट, IGI एयरपोर्ट समेत 6 जगहों को…
यूपी चुनाव से पहले 'आधी आबादी' पर दांव: योगी सरकार का महिलाओं को ₹50,000 देने…
14 अगस्त 1947: विभाजन की विभीषिका, जब आजादी के जश्न पर हावी हो गया था…
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: पीएम मोदी ने पीड़ितों के संघर्ष को किया नमन, कहा- 'शून्य…
विपक्ष को बड़ा झटका: NDA में शामिल होंगे DMK और शरद पवार की NCP, दो-तिहाई…