भारतीय जहाज ‘हाजी अली’ पर हमला, UAE ने की निंदा
ओमान के पास भारतीय जहाज ‘हाजी अली’ पर आतंकी हमला: UAE ने की कड़ी निंदा, PM मोदी के दौरे से ठीक पहले दिया भारत का साथ”
नई दिल्ली/अबू धाबी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले कमर्शियल जहाज ‘हाजी अली’ (Haji Ali) पर हुए भयानक हमले ने गल्फ क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
इस हमले को लेकर भारत ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए इसे पूरी तरह से “अनएक्सेप्टेबल” (अस्वीकार्य) करार दिया है।
वहीं, भारत के कड़े संदेश के बीच अब उसके बेहद करीबी दोस्त संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का भी बड़ा और सख्त बयान सामने आया है।
UAE ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे सीधा ‘आतंकी हमला’ और ‘समुद्री डकैती’ (Piracy) करार दिया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी 5 देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में UAE पहुंचने वाले हैं।
क्या है पूरा मामला और कैसे बची 14 भारतीयों की जान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय फ्लैग वाला कार्गो जहाज ‘हाजी अली’ सोमालिया से पशुओं को लादकर UAE की ओर बढ़ रहा था।
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हमला: गल्फ ऑफ ओमान (Gulf of Oman) के पास जहाज पर अचानक अज्ञात ड्रोन या मिसाइल से हमला किया गया।
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डूब गया जहाज: इस भीषण हमले के बाद जहाज में भयंकर आग लग गई और वह समुद्र में डूब गया।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: गनीमत यह रही कि ओमान कोस्ट गार्ड ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई और जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया। उन्हें सुरक्षित निकालकर डीबा पोर्ट (Dibba Port) पहुंचा दिया गया है।
UAE का सख्त संदेश: ‘यह आतंकी हमला है’
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign Affairs) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए भारत के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है:
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UAE ने कहा कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) जैसे अहम समुद्री रास्तों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करना, समुद्री डकैती और आतंकवाद जैसा जघन्य अपराध है।
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बयान में स्पष्ट किया गया कि ऐसे हमले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन हैं और इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।
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UAE ने भरोसा दिलाया कि भारतीय जहाजों और भारत के हितों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का वह पूर्ण समर्थन करता है।
भारत का रुख: निर्दोष नागरिकों की जान से खिलवाड़ मंजूर नहीं
इस घटना के बाद भारत सरकार ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा,
“लगातार कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। इससे निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है और यह पूरी तरह से अनएक्सेप्टेबल है।”
भारत ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नेविगेशन की स्वतंत्रता में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गल्फ में मंडराता खतरा और PM मोदी का दौरा
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच फरवरी से अब तक कई भारतीय जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है और वर्तमान में लगभग 13 भारतीय जहाज पर्शियन गल्फ के इलाके में फंसे हुए हैं।
‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस सप्लाई मार्गों में से एक है, और यहां बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है।
ऐसे नाजुक वक्त में UAE द्वारा भारत के पक्ष में मजबूती से खड़े होना और PM मोदी का वहां पहुंचना, दोनों देशों के गहरे कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को दर्शाता है।











