PM Modi UAE Visit Energy Deal

PM मोदी पहुंचे UAE, ऊर्जा सुरक्षा और LPG पर हो सकती है बड़ी डील

PM मोदी के 5 देशों के दौरे का आगाज, पहुंचे ‘दूसरे घर’ UAE; ऊर्जा सुरक्षा, LPG और तेल भंडार पर बड़ी डील की तैयारी”

अबू धाबी/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच देशों का बहुप्रतीक्षित दौरा आज से शुरू हो गया है। अपनी यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी पहुंच गए हैं। इसके बाद वह नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे।

अबू धाबी पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी यहां यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसका मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच ‘ऊर्जा सुरक्षा’ और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

“मैं अपने दूसरे घर में आया हूं”- PM मोदी

यूएई के राष्ट्रपति के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

पीएम मोदी ने कहा, “आपके हार्दिक स्वागत के लिए मैं आपका तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं। जैसा कि आपने कहा – मैं अपने दूसरे घर में आया हूं। यह भावना मेरे जीवन में बहुत महत्व रखती है। आज आपके वायुसेना के जेट विमानों ने मुझे जो सुरक्षा प्रदान की, यह भारत की जनता के लिए सम्मान की बात है।”

ऊर्जा क्षेत्र में 2 बड़े समझौतों पर नजर वैश्विक परिदृश्य और ईरान में जारी जंग के कारण प्रभावित हुई सप्लाई चेन के बीच पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम है।

  • LPG और पेट्रोलियम भंडार: इस दौरे पर भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए यूएई के साथ लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और ‘रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार’ (Strategic Petroleum Reserve) को लेकर दो बड़े और अहम समझौतों पर मुहर लगा सकता है।

  • OPEC से बाहर UAE: हाल ही में यूएई ने तेल उत्पादक देशों के समूह ‘ओपेक’ (OPEC) से बाहर निकलने का फैसला किया है। ऐसे में भारत और यूएई की यह साझेदारी वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रूस-अमेरिका कनेक्शन और तेल की टेंशन

पीएम मोदी का यह यूएई दौरा ऐसे नाजुक वक्त में हो रहा है जब भारत में तेल बचाने की मुहिम भी चलाई जा रही है।

दरअसल, रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को मिली अमेरिकी छूट (Waiver) 16 मई को खत्म होने जा रही है।

अगर अमेरिका इस छूट को आगे नहीं बढ़ाता है, तो भारत को रूस से कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती करनी पड़ सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई दिल्ली ने वॉशिंगटन से अपील की है कि मौजूदा हालात में एनर्जी सप्लाई का सुचारू रूप से बने रहना बहुत जरूरी है, अन्यथा इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

इसी वैश्विक दबाव के बीच भारत, यूएई जैसे भरोसेमंद साझेदार के साथ अपनी ऊर्जा जरूरतों को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।

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