Swagam Portal Delhi

दिल्ली में ‘स्वगम’ पोर्टल लॉन्च: 1511 अनधिकृत कॉलोनियां बिना लेआउट प्लान के होंगी नियमित

दिल्ली: CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया ‘स्वगम’ पोर्टल, बिना लेआउट प्लान के नियमित होंगी 1511 अनधिकृत कॉलोनियां

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है।

राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण (Regularization) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘स्वगम’ (Swagam) पोर्टल की शुरुआत की है।

इस नए पोर्टल के लॉन्च होने के बाद अब कॉलोनियों को बिना लेआउट प्लान के भी ‘जहां है, जैसा है’ (As is where is) के आधार पर नियमित किया जा सकेगा।

लेआउट प्लान की सबसे बड़ी बाधा खत्म

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अब तक नियमितीकरण और भवन नक्शे पास करने की प्रक्रिया इसलिए धीमी थी क्योंकि इन कॉलोनियों के लेआउट प्लान तैयार नहीं हो पाए थे।

अब सरकार ने नीति में बड़ा बदलाव करते हुए इस अनिवार्यता को ही खत्म कर दिया है। इससे दशकों से अटकी हुई प्रक्रिया को गति मिलेगी और लोग अपने घरों का निर्माण व विकास आसानी से करा सकेंगे।

1511 कॉलोनियों को मिलेगी राहत, ये हैं नए नियम

सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत 1731 में से 1511 कॉलोनियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा:

  • आवासीय दर्जा: इन 1511 कॉलोनियों में सभी प्लॉट और भवनों को पूरी तरह से ‘आवासीय’ (Residential) माना जाएगा।

  • दुकानों के लिए नियम: 20 वर्ग मीटर तक की दुकानों को तभी नियमित किया जाएगा जब वे 6 मीटर चौड़ी सड़क पर हों। हालांकि, 10 वर्ग मीटर तक की छोटी दुकानों को संकरी सड़कों पर होने के बावजूद राहत दी जाएगी।

ये कॉलोनियां रहेंगी नियमितीकरण के दायरे से बाहर

योजना का लाभ 1731 में से 1511 कॉलोनियों को मिलेगा, लेकिन कुछ विशेष क्षेत्रों को इस योजना से बाहर रखा गया है।

इनमें वन क्षेत्र (Forest Area), संरक्षित भूमि, पुरातात्विक स्थल, यमुना बाढ़ क्षेत्र (Yamuna Floodplains), मास्टर प्लान की सड़कों का राइट ऑफ वे (Right of Way), हाई टेंशन लाइन क्षेत्र, दिल्ली रिज और 69 संपन्न (Affluent) कॉलोनियां शामिल हैं।

PM-UDAY योजना के तहत मिल रहा है मालिकाना हक

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री-उदय’ (PM-UDAY) योजना 29 अक्टूबर 2019 से लागू है, जिसके जरिए जीपीए (GPA), एग्रीमेंट टू सेल और कब्जे के दस्तावेज रखने वाले लोगों को मालिकाना हक दिया जा रहा है।

सरकारी जमीन पर बनी संपत्तियों के लिए ‘कंवेयंस डीड’ और निजी जमीन पर बनी संपत्तियों के लिए ‘ऑथराइजेशन स्लिप’ जारी की जा रही है। 31 मार्च 2026 तक ऐसे करीब 40 हजार दस्तावेज जारी किए जा चुके हैं।

पूरी तरह से ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया

‘स्वगम’ पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है:

  • आवेदकों को ‘स्वगम’ पोर्टल पर जाकर अपनी कॉलोनी का चयन करना होगा, जिससे वार्ड और जोन की जानकारी अपने आप भर जाएगी।

  • प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ‘पीएम-उदय केस आईडी’ (PM-UDAY Case ID) अनिवार्य होगी। जिनके पास यह आईडी नहीं है, उन्हें पहले पीएम-उदय पोर्टल पर जाकर इसे प्राप्त करना होगा।

  • यह पूरी प्रक्रिया राजस्व विभाग (Revenue Department) और डीडीए (DDA) के सहयोग से पूरी की जाएगी। दस्तावेज जारी होने के बाद इसकी अंतिम जानकारी एमसीडी (MCD) को भी साझा की जाएगी।

‘लाखों परिवारों को मिलेगा बेहतर जीवन’

पोर्टल की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह फैसला सिर्फ मालिकाना हक देने तक सीमित नहीं है, बल्कि अनधिकृत कॉलोनियों को पूरी तरह नियमित कर उन्हें शहर के विकास की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने भरोसा जताया कि इससे लाखों परिवारों को स्थिरता, सुरक्षा और बेहतर जीवन की नई उम्मीद मिलेगी।

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