Breaking News

रात के अंधेरे में सुखोई, जगुआर और मिराज ने गंगा एक्सप्रेसवे पर की नाइट लैंडिंग

“भारत की वायुसेना फोर्स ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर एक्सप्रेस वे पर शुक्रवार को युद्धाभ्यास किया। इस दौरान रात के अंधेरे में राफेल, जगुआर, सुखोई और मिराज जैसे विमानों की नाइट लैंडिंग कराई गई”

नई दिल्ली 03 / 05 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत दुश्मन देश पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे पर एयरफोर्स के एक्शन का शुक्रवार रात दूसरा राउंड हुआ। एक्सप्रेसवे पर नाइट लैंडिग का भी ट्रायल किया गया।

फाइटर जेट्स ने किया शक्ति प्रदर्शन

शुक्रवार रात को हुए युद्धाभ्यास में राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज जैसे फाइटर जेट्स इस ट्रायल में शामिल हुए। गंगा एक्सप्रेसवे के साढ़े तीन किलोमीटर की हवाई पट्टी पर फाइटर जेट्स ने शक्ति प्रदर्शन किया

लड़ाकू विमानों ने दिखाया दमखम

इससे पहले शुक्रवार सुबह भी लड़ाकू विमानों ने अपना दमखम दिखाया था। ये ट्रायल ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत-पकिस्तान के बीच तनाव है। ऐसे में राफेल की दहाड़ से पाकिस्तान कांप रहा है। हाईवे पर ये पहला एयरस्ट्रिप है। जहां फाइटर जेट्स की भी नाइट लैंडिंग की जा सकती है।

जानिए क्यों खास है गंगा एक्सप्रेसवे?

गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत यह है कि यह लड़ाकू विमानों को दिन और रात दोनों समय में उड़ान भरने की सुविधा प्रदान करता है। अपनी इस अनूठी क्षमता के कारण यह देश में इस तरह की पहली हवाई पट्टी बन गई है। अब तक लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर विमानों को उतारने और उड़ाने का इस तरह का आपातकालीन अभ्यास किया जा चुका है, लेकिन वे दिन के समय तक ही सीमित थे।

युद्धाभ्यास में ये विमान हुए शामिल

शुक्रवार को दिन में हुए इस अभ्यास में राफेल, एसयू-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, एएन-32 और एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर सहित भारतीय वायुसेना के कई विमान शामिल हुए।

एक्सप्रेस वे पर लगाए गए 250 से अधिक सीसीटीवी

राज्य सरकार के अधिकारियों का मानना है कि अभ्यास की सफलता से यह भी पता चलेगा कि एक्सप्रेसवे आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक रनवे के रूप में काम कर सकता है, जिससे भारतीय वायुसेना का परिचालन संबंधी लचीलापन बढ़ेगा। इस एक्सप्रेसवे पर 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि सुरक्षा और निगरानी को पुख्ता किया जा सके।

Santosh SETH

Recent Posts

चावल की महंगाई पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 4 बड़े फैसले

चावल की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का बड़ा 'एक्शन': व्यापारियों के लिए…

12 hours ago

कैंसर की 137 दवाएं 70% तक सस्ती, मरीजों को 3357 करोड़ की बचत

कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत: 137 जीवनरक्षक दवाएं हुईं 70% तक सस्ती, सरकार…

12 hours ago

जौनपुर: दिशा समिति की बैठक में किये गए पांच बड़े फैसले

जौनपुर 'दिशा' समिति की बैठक: विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा…

12 hours ago

जौनपुर: किसानों की आय बढ़ाने की पहल, 200 कृषकों को बंटे मुफ्त प्याज बीज

जौनपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: उद्यान विभाग ने 200 कृषकों को बांटे 'मुफ्त प्याज…

12 hours ago

जौनपुर: रोजगार मेले में जनपद के 589 युवाओं को मिला रोजगार

जौनपुर रोजगार मेला: युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, 22 कंपनियों ने 589 अभ्यर्थियों को…

12 hours ago

दिवाली: खुशियों का पर्व या प्रदूषण का संकट? पर्यावरण बनाम राजनीति का द्वंद्व

प्रकाश का पर्व या सांसों का संकट? दिवाली पर प्रदूषण और उस पर होती 'सियासत'…

12 hours ago