कुल्लू की गड़सा घाटी के हुरला नाले में आई बाढ़ और टूटा हुआ राउली पुल

हिमाचल : कुल्लू की गड़सा घाटी में अचानक आई बाढ़, राउली पुल बह गया

कुल्लू की गड़सा घाटी में कुदरत का कहर: भारी बारिश से हुरला नाले में आई भयंकर बाढ़, राउली पुल बहने से कटे कई गांव”

कुल्लू : THE POLITICS AGAIN डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मानसून की आहट के साथ ही कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।

मंगलवार (7 जुलाई 2026) की शाम कुल्लू जिले (Kullu District) की गड़सा घाटी में अचानक मौसम खराब होने के बाद भारी बारिश हुई, जिसने इलाके में भारी तबाही मचाई है।

गड़सा घाटी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पारली क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण हुरला नाले में अचानक भयंकर बाढ़ (Flash Flood) आ गई।

जलस्तर इतना अधिक बढ़ गया कि नाले पर बना राउली पुल पानी के तेज बहाव में पूरी तरह से बह गया।

अफरा-तफरी का माहौल, नाले ने धारण किया रौद्र रूप

स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार शाम को अचानक आसमान में काले बादल छाए और तेज बारिश शुरू हो गई।

देखते ही देखते मनिहार क्षेत्र से होकर बहने वाले हुरला नाले का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया।

नाले के रौद्र रूप को देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। पानी के तेज बहाव ने आगे जाकर भारी तबाही मचाई है।

राउली और बूगा गांवों का संपर्क पूरी तरह कटा

बाढ़ के कारण सबसे बड़ा नुकसान राउली पुल के बहने से हुआ है। ग्राम पंचायत पारली के पूर्व प्रधान किशन चंद ठाकुर और स्थानीय निवासी लीलाधर ने बताया कि हुरला नाले के उफान पर आने से यह महत्वपूर्ण पुल टूट गया।

  • पुल के बह जाने से राउली और बूगा गांवों का शेष दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

  • दोनों गांवों के लोगों के लिए आवाजाही का एकमात्र साधन यह पुल ही था। अब ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

आगामी मानसून को लेकर ग्रामीणों में दहशत

इस घटना ने गड़सा घाटी के लोगों को बुरी तरह डरा दिया है। अभी मानसून ने पूरी तरह से जोर भी नहीं पकड़ा है और बारिश ने ऐसी तबाही मचा दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अभी यह हाल है, तो आगामी मानसून के दौरान क्या स्थिति होगी।

प्रशासन से मांग की जा रही है कि प्रभावित गांवों के लिए तुरंत कोई वैकल्पिक मार्ग या व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

प्रशासनिक अधिकारी स्थिति का जायजा लेने और नुकसान के आकलन के लिए प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो गए हैं।