सोनम वांगचुक ‘संसद मार्च’: दिल्ली में धारा 163 लागू, पुलिस की सख्त चेतावनी
सोनम वांगचुक का ‘संसद मार्च’: पत्नी गीतांजलि करेंगी नेतृत्व, दिल्ली पुलिस ने लागू की धारा 163, दी सख्त चेतावनी”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन और 20 जुलाई (सोमवार) को प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ को लेकर राजधानी दिल्ली में टकराव और तनाव की स्थिति बन गई है।
एक तरफ जहां सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने ऐलान किया है कि वह इस मार्च में शामिल होंगी और प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करेंगी,
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएस (पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई है।
‘मैं मार्च में निश्चित रूप से शामिल होऊंगी’
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की स्थिति की जानकारी देते हुए उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा, “मैं विरोध प्रदर्शन में निश्चित रूप से उनका (सोनम का) प्रतिनिधित्व करूंगी और मार्च में शामिल होऊंगी।”
उन्होंने बताया कि वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए एक तत्काल याचिका दायर की गई थी, ताकि वे वहां से प्रदर्शन स्थल तक पहुंच सकें, लेकिन प्रशासन से इसकी अनुमति नहीं मिली।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
डॉ. गीतांजलि ने मार्च में शामिल होने वाले सभी छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आगाह किया कि वे आंदोलन को बदनाम करने या भड़काने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों के किसी भी जाल में न फंसें।
इस बीच, डॉक्टरों के भारी दबाव के बावजूद सोनम वांगचुक ने किसी भी तरह का लिक्विड (तरल पदार्थ) लेने से इनकार कर दिया है और वे केवल पानी पीकर अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की सख्त चेतावनी: बिना अनुमति के मार्च गैर-कानूनी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 20 जुलाई को प्रस्तावित इस संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने अपना रुख पूरी तरह सख्त कर लिया है।
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कोई अनुमति नहीं: पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस जुलूस के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई है।
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धारा 163 BNS लागू: नई दिल्ली जिले में सुरक्षा कारणों से धारा 163 बीएनएस लागू कर दी गई है।
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जंतर-मंतर (सक्षम अनुमति के साथ) को छोड़कर, पूरे जिले में किसी भी तरह के विरोध मार्च, प्रदर्शन या पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
संसद सत्र और कानूनी कार्रवाई का अलर्ट
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है। ऐसे में लोक सुरक्षा, वीवीआईपी मूवमेंट और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इन निषेधाज्ञाओं का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत सख्त मुकदमा चलाया जाएगा और गिरफ्तारी भी हो सकती है।











