ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तैनात सैन्य टुकड़ियां और हमले का दृश्य

ईरान-US जंग के भीषण होने के आसार: 50 हजार अमेरिकी सैनिक अलर्ट पर

ईरान-अमेरिका के बीच महायुद्ध की आहट: 50 हजार US सैनिक हाई अलर्ट पर, भारत ने नागरिकों से कहा- ‘तुरंत छोड़ें देश’

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम एशिया में तनाव अब एक भयंकर युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच पिछले चार महीने से अधिक समय से चल रहा टकराव अब विस्फोटक हो गया है।

अमेरिका ने अपने 50 हजार से अधिक सैनिकों को ‘हाई अलर्ट’ मोड पर रख दिया है। युद्ध के इन हालातों और बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी कर उन्हें तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है।

ईरान-अमेरिका जंग से जुड़े 5 बड़े अपडेट

  1. ऑपरेशन ‘सैकेह’ (लाइटनिंग): ईरान ने कुवैत में 16वें चरण की सैन्य कार्रवाई का दावा करते हुए ड्रोन हमले से दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह करने की बात कही है।

  2. अबादान पर मिसाइल हमला: अमेरिका ने ईरान के तेल रिफाइनरी शहर अबादान पर मिसाइल से हमला किया। इसके पलटवार में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

  3. लगातार 8वीं रात बमबारी: अमेरिकी सेना ने लगातार 8वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं, जिसके चलते पश्चिम एशिया में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर हैं।

  4. IRGC निशाने पर: अमेरिकी सेना ने ईरान की ताकतवर ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) को भी सीधे तौर पर निशाना बनाया है।

  5. परमाणु संयंत्र पर हमला: ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन का दावा है कि अमेरिका ने खुजेस्तान प्रांत में डार्कहोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण स्थल पर बमबारी की है, जिसे ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है।

ईरान ने शांति समझौते से खींचे हाथ, कहा- ‘रक्षा ही प्राथमिकता’

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने शांति समझौते (MOU) की शर्तों का उल्लंघन किया है।

इस वजह से ईरान ने भी अपनी जिम्मेदारियों को फिलहाल के लिए रोक दिया है। एक इंटरव्यू में गरीबाबादी ने कहा, “अमेरिका ने एमओयू की लगभग सभी प्रतिबद्धताओं को तोड़ा है।

इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता पूरी मजबूती के साथ देश की रक्षा करना है और फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है।”

इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई भी कह चुके हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की कोई विश्वसनीयता नहीं है।

कतर और इराक ने की समझौते की अपील

तनाव के बीच कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने इराक के प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी से मुलाकात की।

दोनों नेताओं ने अमेरिका और ईरान से ‘इस्लामाबाद समझौते’ (14 सूत्री एमओयू) को लागू करने की अपील की है।

उन्होंने जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और क्षेत्र में स्थिरता कायम रहनी चाहिए।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच जून में यह समझौता हुआ था, लेकिन अब यह टूटता नजर आ रहा है।

भारत सरकार की सख्त एडवाइजरी

युद्ध के बिगड़ते हालात को देखकर भारतीय दूतावास ने 20 जुलाई को एक संशोधित एडवाइजरी जारी की है।

  • भारतीयों को अपनी ईरान यात्रा तुरंत स्थगित करने की सलाह दी गई है।

  • जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में रह रहे हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने और अस्थायी रूप से देश छोड़ने के लिए कहा गया है।

  • दूतावास ने उन सभी भारतीयों से तुरंत अपना विवरण दर्ज कराने (पंजीकरण) की अपील की है, जिन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है।